मिर्जापुर में सेवानिवृत्त शिक्षक को फेसबुक पर बनी महिला मित्र ने लगाया 1.5 करोड़ का चूना

Sep 23, 2025 - 09:48
Sep 23, 2025 - 12:21
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मिर्जापुर में सेवानिवृत्त शिक्षक को फेसबुक पर बनी महिला मित्र ने लगाया 1.5 करोड़ का चूना
Cyber Crime in Mirzapur

Daily News Mirror| Mirzapur 

चुनार (मिर्जापुर), 23 सितंबर 2025: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चुनार कस्बे के सहसपुरा गांव में रहने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक राजनाथ सिंह (65) की जिंदगी का आखिरी सहारा छीन लिया गया है। सेवानिवृत्ति के बाद ऑनलाइन काम की तलाश में फेसबुक पर बनी एक महिला मित्र ने उन्हें रियल एस्टेट निवेश का लालच देकर डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित शिक्षक ने अपनी 4.5 बीघा उपजाऊ जमीन बेचकर यह राशि ठगों को सौंप दी, जिससे उनका पूरा परिवार आर्थिक संकट में डूब गया है। साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

राजनाथ सिंह, जो सरकारी स्कूल से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, ने बताया कि लॉकडाउन के बाद उनकी पेंशन से गुजारा मुश्किल हो गया था। वे फेसबुक पर ऑनलाइन जॉब या निवेश के अवसर तलाश रहे थे। इसी क्रम में तीन महीने पहले एक महिला प्रोफाइल 'प्रिया शर्मा' ने उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। प्रोफाइल पर विदेश से लौटने वाली एक सफल व्यवसायी के रूप में खुद को पेश करने वाली इस महिला ने चैट के जरिए राजनाथ से दोस्ती गढ़ी। प्रिया ने बताया कि वह यूके में रियल एस्टेट कारोबार करती है और भारत में बड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश का मौका है।

"उन्होंने कहा कि 5 लाख पाउंड (करीब 50 लाख रुपये) निवेश करने पर 20% का तत्काल रिटर्न मिलेगा। पहले छोटी राशि ट्रांसफर करने को कहा, जिसमें से कुछ रकम लौटा भी दी ताकि भरोसा हो जाए," राजनाथ ने बताया। ठगों ने करेंसी एक्सचेंज के नाम पर कई किस्तों में पैसे मांगे। पहले 10-10 लाख, फिर 20-20 लाख। कुल मिलाकर डेढ़ करोड़ रुपये इकट्ठा हो गए। राजनाथ ने अपनी पत्नी के नाम पर दर्ज 4.5 बीघा जमीन (जो सहसपुरा में ही थी) बेच दी, जो परिवार की एकमात्र आय का स्रोत थी। जमीन की कीमत करीब 1.2 करोड़ थी, बाकी पेंशन और पुरानी बचत से जुटाई गई।

ठगी का खुलासा तब हुआ जब राजनाथ ने रिटर्न मांगने की कोशिश की। प्रिया ने बहाने बनाए और फिर फोन बंद कर लिया। "मैंने कभी सोचा नहीं था कि ऑनलाइन दोस्ती मेरी जिंदगी बर्बाद कर देगी। अब परिवार भूखा है, घर का खर्च कैसे चलेगा?" राजनाथ की आवाज में निराशा साफ झलक रही थी। उनके दो बेटे शहरों में नौकरी करते हैं, लेकिन वे भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।

मिर्जापुर के साइबर थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया, "पीड़ित की तहरीर पर आईटी एक्ट की धारा 66सी, 66डी और बीएनएस की धारा 318 (धोखाधड़ी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बैंक डिटेल्स और फोन नंबर्स से ट्रांजेक्शन ट्रेस किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ठगों का नेटवर्क विदेशी सर्वर से चल रहा है, संभवतः यूके या दुबई आधारित।"

पुलिस ने राजनाथ को साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी है।यह मामला हाल के साइबर ठगी के रुझानों से मेल खाता है। हाल ही में पंजाब के मोहाली में फेसबुक पॉप-अप से शुरू हुई ठगी में एक बुजुर्ग से 1.5 करोड़ रुपये ठगे गए। इसी तरह, गुजरात के अहमदाबाद में फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट के जरिए एक व्यापारी से 1.92 करोड़ की ठगी हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, सेवानिवृत्त लोग आसान शिकार बनते हैं क्योंकि वे डिजिटल साक्षरता में कमजोर होते हैं। साइबर विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार ने कहा, "ऐसे मामलों में 70% ठगियां फर्जी महिला प्रोफाइल से शुरू होती हैं। हमेशा वेरिफिकेशन करें और छोटी राशि से शुरू न करें।"राजस्थान में भी इसी तरह के मामलों में रिटायर्ड शिक्षकों से करोड़ों की ठगी हुई है।

पुलिस ने अपील की है कि संदिग्ध निवेश ऑफर पर तुरंत साइबर थाने से संपर्क करें। राजनाथ का केस न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि डिजिटल युग की बढ़ती ठगी का आईना भी। जांच जारी है, और उम्मीद है कि दोषियों को जल्द सलाखों के पीछे डाला जाएगा।

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