जामनगर, 2 अप्रैल 2025 - रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक और मुकेश अंबानी के सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनकी चर्चा उनके धार्मिक और मानवीय कार्यों के लिए हो रही है। अनंत ने अपनी 30वीं जन्मदिन की पूर्व संध्या पर जामनगर से द्वारकाधीश मंदिर तक 140 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू की थी। इस यात्रा के दौरान उन्होंने सैकड़ों मुर्गियों को बचाने का एक सराहनीय कदम उठाया, जिसने लोगों का दिल जीत लिया।
अनंत अंबानी ने अपनी इस यात्रा को 28 मार्च को जामनगर के मोती खावड़ी से शुरू किया था। यह यात्रा उनके जन्मदिन, 10 अप्रैल को द्वारकाधीश मंदिर में प्रार्थना और दर्शन के साथ समाप्त होगी। यात्रा के पांचवें दिन, खंभालिया के पास, अनंत ने एक वाहन को देखा जिसमें लगभग 250 मुर्गियाँ कसाईखाने की ओर ले जाई जा रही थीं। पशुओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता और प्रेम को देखते हुए, उन्होंने तुरंत अपने कर्मचारियों को वाहन रोकने का निर्देश दिया।
सूत्रों के अनुसार, अनंत ने वाहन के मालिक से बात की और मुर्गियों को बचाने के लिए उनकी कीमत से दोगुना भुगतान किया। इसके बाद, इन मुर्गियों को उनके द्वारा स्थापित वनतारा पशु संरक्षण केंद्र में भेजा गया, जहाँ उनकी देखभाल की जाएगी। एक वायरल वीडियो में अनंत को एक मुर्गी हाथ में पकड़े हुए देखा गया, जबकि वे "जय द्वारकाधीश" का जाप करते हुए आगे बढ़ रहे थे। इस दृश्य ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा और उनकी दयालुता की खूब प्रशंसा हुई।
अनंत ने अपनी यात्रा के बारे में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "यह पदयात्रा हमारे जामनगर स्थित घर से द्वारका तक है। यह पिछले पांच दिनों से चल रही है और हम अगले दो से चार दिनों में वहाँ पहुँच जाएँगे। भगवान द्वारकाधीश का आशीर्वाद हम पर बना रहे। मैं युवाओं से कहना चाहता हूँ कि भगवान द्वारकाधीश पर विश्वास रखें और कोई भी काम शुरू करने से पहले उन्हें याद करें। इससे हर काम बिना किसी बाधा के पूरा होगा। जब भगवान साथ हों, तो चिंता की कोई बात नहीं।"
अनंत की यह पदयात्रा न केवल उनकी आध्यात्मिकता को दर्शाती है, बल्कि उनके पशु कल्याण के प्रति समर्पण को भी उजागर करती है। वनतारा, जामनगर में स्थित उनका पशु बचाव और पुनर्वास केंद्र, पहले ही कई जानवरों के लिए सुरक्षित आश्रय बन चुका है। इस केंद्र को हाल ही में भारत सरकार द्वारा 'प्राणी मित्र' राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
हर रात 10-12 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए, अनंत अपनी Z+ सुरक्षा और स्थानीय पुलिस के साथ इस यात्रा को जारी रखे हुए हैं। रास्ते में वे विभिन्न मंदिरों में रुककर प्रार्थना कर रहे हैं और आशीर्वाद ले रहे हैं। उनकी यह यात्रा और मुर्गियों को बचाने का कार्य न केवल उनके विश्वास को दर्शाता है, बल्कि मानवता और करुणा का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।