मिर्जापुर: टायर फटते ही घर में घुसा सीमेंट लदा ट्रक, सो रहे तीन लोगों की मौत, 2 गंभीर; आक्रोशित ग्रामीणों ने 4 घंटे किया जाम
Daily News Mirror
Reporter: Tipu Sultan | अहरौरा | 16 जुलाई 2026
मिर्जापुर के अहरौरा थाना क्षेत्र में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। कुदारन चौराहे के पास वाराणसी से सोनभद्र की ओर जा रहा सीमेंट से लदा एक ट्रक अचानक टायर फटने के बाद अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे बने एक मकान में जा घुसा। हादसे के समय परिवार के लोग गहरी नींद में सो रहे थे। तेज धमाके के साथ मकान का एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा और पूरा घर मलबे में तब्दील हो गया।
इस भीषण हादसे में राजाराम, सुखिया और चांदतारा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं 12 वर्षीय सुहानी और सुनील शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही अहरौरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घंटों तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, जबकि घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
एएसपी ऑपरेशन राजकुमार मीणा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ट्रक का टायर फटना दुर्घटना का मुख्य कारण सामने आया है। ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है तथा सभी आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
शव ले जाने पर भड़का लोगों का गुस्सा
दुर्घटना के बाद माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब स्थानीय लोगों और परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना परिवार की सहमति और सूचना दिए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बात से नाराज ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विरोध के दौरान पुलिस की एक गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब चार घंटे तक चले इस जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम समाप्त किया।
मुआवजे और बेहतर इलाज की मांग
ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मृतकों के आश्रितों को तत्काल आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही गंभीर रूप से घायल सुहानी और सुनील शर्मा के समुचित एवं निशुल्क इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर भारी वाहनों की तेज रफ्तार, उनकी तकनीकी जांच और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर रात के समय भारी वाहनों की तेज गति के कारण पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर स्पीड कंट्रोल के स्थायी उपाय किए जाएं और भारी वाहनों की नियमित फिटनेस जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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