फतेहपुर: ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर संवेदना हॉस्पिटल में ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न
हिंदू-मुस्लिम स्टाफ ने मिलकर बांटी मिठाइयां
फतेहपुर, 8 मई 2025: भारतीय सेना द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर किए गए सफल मिसाइल हमलों की गूंज उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद तक पहुंची। इस अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया, की खुशी में फतेहपुर के संवेदना हॉस्पिटल में ढोल-नगाड़ों के साथ उत्सव मनाया गया। हॉस्पिटल के संचालक और स्टाफ ने मिठाइयां बांटकर इस जीत का जश्न मनाया, जिसमें हिंदू और मुस्लिम कर्मचारियों ने एकजुट होकर बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी, के जवाब में भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना, थलसेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और PoK में आतंकी शिविरों को तबाह कर दिया। इस कार्रवाई में 70 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की खबर है, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य भी शामिल हैं।
फतेहपुर के संवेदना हॉस्पिटल में इस ऐतिहासिक जीत का उत्साह साफ देखा गया। हॉस्पिटल परिसर में ढोल-नगाड़ों की थाप पर स्टाफ ने एकता और देशभक्ति का संदेश दिया। मिठाइयां बांटकर सभी ने भारतीय सेना की बहादुरी और इस ऑपरेशन की सफलता को सराहा। हॉस्पिटल के संचालक ऋषि मिश्रा ने इस मौके पर कहा, "ऑपरेशन सिंदूर भारत की ताकत और आतंकवाद के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति का प्रतीक है। यह पहलगाम हमले में शहीद हुए लोगों को सच्ची श्रद्धांजलि है। हमारी सेना ने न केवल आतंकियों को सबक सिखाया, बल्कि देश की एकता और संप्रभुता को और मजबूत किया।"
खास बात यह रही कि इस जश्न में हॉस्पिटल के हिंदू और मुस्लिम कर्मचारियों ने कंधे से कंधा मिलाकर हिस्सा लिया। स्टाफ ने एक स्वर में भारतीय सेना के इस साहसिक कदम की प्रशंसा की और इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। एक कर्मचारी ने कहा, "यह जीत हम सबकी है। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, और हमारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।"
What's Your Reaction?