लखनऊ में कोचिंग लाइब्रेरी में भीषण आग से 14 छात्रों की दर्दनाक मौत, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक रो पड़े, सीएम योगी दौरा छोड़ रवाना
Daily News Mirror| Lucknow Fire News
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके के पुरनिया क्षेत्र में सोमवार दोपहर करीब 3 बजे एक बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी वाले ऊपरी तलों पर पढ़ रहे विद्यार्थी धुएं और लपटों की चपेट में आ गए। अब तक 14 मौतों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर छात्र शामिल हैं।
दर्जनों घायल, कई की हालत गंभीर
आग इतनी विकराल थी कि लकड़ी के फर्नीचर से निकला घना काला धुआं बचाव कार्य में बाधा बना रहा। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि विद्यार्थी इमारत से कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे बच्चे खिड़कियों और छत से नीचे कूद रहे हैं, जबकि नीचे दुकानों (पेट क्लिनिक सहित) और ऊपर लाइब्रेरी-कोचिंग में फंसे लोग चीख-चीखकर मदद मांग रहे थे।
फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमों ने मोर्चा संभाला, लेकिन धुएं की घनघोरता के कारण कई घंटे तक ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना रहा। कुछ शवों को अंदर से बरामद किया गया है। जबकि आग की विकरालता को देखते हुए मृतकों कि संख्या और भी बढ़ने की संभावना जताई गई है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मीडिया से बात करते हुए फफक पड़े
मौके पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. ब्रजेश पाठक ने मीडिया को ब्रिफिंग देते हुए भावुक होकर आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने बताया कि बचाव कार्य तेजी से चल रहा है, कई बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया है। पाठक ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए और कहा कि “यह बेहद दर्दनाक घटना है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
सीएम योगी अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़कर लखनऊ के लिए रवाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते ही अलीगढ़ दौरा बीच में रद्द कर दिया और लखनऊ के लिए रवाना हो गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू और राहत कार्य प्राथमिकता से पूरा किया जाए, घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भीषण अग्निकांड पर दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद की घोषणा की है।
आग का कारण और जांच
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से लगी हो सकती है, लेकिन सटीक वजह की जांच चल रही है। इमारत में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई छात्र अभी भी फंसे होने की आशंका थी, हालांकि अधिकारियों ने दावा किया कि ज्यादातर को निकाल लिया गया।
सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर घटना से सनसनी
X (ट्विटर) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इस घटना के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां लोग दुख और गुस्सा जता रहे हैं। #LucknowFire, #AliganjLibraryFire जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। चश्मदीदों ने बताया कि धुआं देखते ही लोग भागे, लेकिन ऊपरी मंजिलों पर फंसे छात्रों के लिए रास्ता बंद हो गया।
यह घटना उत्तर प्रदेश में कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करती है। क्या बिल्डिंगों में फायर सेफ्टी इंतजाम थे? क्या अनियमित निर्माण की मिलीभगत थी? जांच रिपोर्ट आने वाली है।
पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना।
प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा और मदद का भरोसा दिया है। पूरा लखनऊ इस त्रासदी में डूबा हुआ है। अपडेट्स के लिए बने रहें।
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