सतुआ बाबा के बाद अब माघ मेले में 'गोल्डन गूगल बाबा' का जलवा, जानें सिर से पैर तक 5 करोड़ के सोने-चांदी में लदे बाबा की कहानी

सीएम योगी को पीएम बनाने के लिए नंगे पैर चलने का लिया संकल्प

Jan 18, 2026 - 12:27
Jan 18, 2026 - 13:22
 0
सतुआ बाबा के बाद अब माघ मेले में 'गोल्डन गूगल बाबा' का जलवा, जानें सिर से पैर तक 5 करोड़ के सोने-चांदी में लदे बाबा की कहानी
Photo: Golden Google baba

Daily News Mirror| Magh Mela 2026

प्रयागराज, 17 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले 2026 में इस बार एक अनोखा संत सबकी नजरें चुरा रहा है। सतुआ बाबा के बाद अब 'गूगल गोल्डन बाबा' के नाम से मशहूर मनोज आनंद महाराज संगम की रेती पर आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। सिर से पैर तक करोड़ों रुपये के सोने के आभूषणों से सजे ये बाबा न सिर्फ श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं।

उनके शाही अंदाज ने मेले को एक नई चमक दी है, जहां वह चांदी के बर्तनों में भोजन करते हैं और चांदी के पात्र में पानी पीते हैं।माघ मेला, जो 3 जनवरी से शुरू होकर महाशिवरात्रि तक चलेगा, इस साल करीब 15 करोड़ श्रद्धालुओं को आकर्षित करने की उम्मीद है। लेकिन इनमें से एक नाम जो सबसे ज्यादा चर्चा में है, वह है गूगल गोल्डन बाबा का। कानपुर से ताल्लुक रखने वाले मनोज आनंद महाराज खुद को एक क्षत्रिय बताते हैं और कहते हैं कि यह सोने-चांदी का प्रदर्शन उनकी पारिवारिक परंपरा और आध्यात्मिक विश्वास का हिस्सा है। उनके अनुसार, ये आभूषण भगवान की इच्छा से हैं और ताकत का प्रतीक हैं। वह करीब 4 किलो सोना पहनते हैं, जिसमें भारी कड़े, देवी-देवताओं की नक्काशी वाली अंगूठियां और चेन शामिल हैं। कुल मिलाकर उनके आभूषणों की कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

बाबा की दिनचर्या भी राजसी है। वह चांदी के बर्तनों में खाना खाते हैं और पानी भी चांदी के गिलास में पीते हैं। पहले वह 4.5 लाख रुपये की चांदी की चप्पलें पहनते थे, लेकिन अब एक विशेष संकल्प के कारण नंगे पैर चलते हैं। बाबा ने बताया कि उन्होंने व्रत लिया है कि जब तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुछ खास कार्य पूरा नहीं करते, तब तक वह जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे। इसके अलावा, वह हमेशा अपने साथ लड्डू गोपाल की एक सोने की छोटी मूर्ति रखते हैं, जिसे वह आध्यात्मिक सुरक्षा मानते हैं।

'गूगल गोल्डन बाबा' का यह नाम कैसे पड़ा? बाबा कहते हैं कि वह अक्सर गूगल पर सर्च में आते हैं, इसलिए लोग उन्हें इस नाम से पुकारने लगे। प्रयागराज के संगम पर माघ मेला में उनका यह रूप श्रद्धालुओं को इतना भा रहा है कि लोग उनके साथ सेल्फी लेने और बात करने के लिए घंटों इंतजार करते हैं।

 मेला प्रशासन ने भी सुरक्षा के इंतजाम किए हैं, क्योंकि इतने महंगे आभूषणों के साथ घूमना जोखिम भरा हो सकता है। लेकिन बाबा मुस्कुराते हुए कहते हैं, "जिसके साथ प्रभु हैं, उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता।"माघ मेला 2026 में अन्य आकर्षण भी हैं, जैसे 'बार्फ वाले बाबा' जो 12 साल से बर्फ पर बैठे होने का दावा करते हैं, या 'मसल बाबा' जो अपनी शारीरिक ताकत से सबको हैरान कर रहे हैं। लेकिन गोल्डन गूगल बाबा की चमक अलग है। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं, जहां लोग उनके भक्ति और वैभव के मिश्रण की तारीफ कर रहे हैं।

यह मेला न सिर्फ धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सनातन संस्कृति की विविधता को भी दर्शाता है। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर स्नान करने वाले करोड़ों श्रद्धालु यहां एकजुट होकर आस्था का जश्न मना रहे हैं। गोल्डन गूगल बाबा जैसे संत इस मेले को और भी यादगार बना रहे हैं। क्या आप भी इस अनोखे दृश्य को देखने प्रयागराज जाएंगे?

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow