दुबग्गा में कुत्ते को बचाने की कोशिश में कार खुले नाले में गिरी, चालक बाल-बाल बचा; स्थानीयों ने लगाई नगर निगम से गुहार
Daily News Mirror| Lucknow News
लखनऊ, 3 मार्च 2026 — राजधानी लखनऊ के दुबग्गा क्षेत्र में एक बार फिर खुले नाले ने वाहन चालक की जान को खतरे में डाल दिया। सोमवार सुबह करीब 8 बजे अंधे की चौकी के पास ठाकुरगंज की शांति नगर कॉलोनी निवासी सचिन मिश्रा की कार अचानक सामने आ गए कुत्ते को बचाने की कोशिश में अनियंत्रित होकर हरदोई रोड किनारे बने खुले नाले में गिर गई। चालक को मामूली चोटें आईं, जबकि स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला।
दुबग्गा थाना पुलिस के अनुसार, सचिन मिश्रा निजी काम से घर से निकले थे। लौटते समय अंधे की चौकी के पास कुत्ता रास्ते में आ गया। उसे बचाने के प्रयास में कार सड़क किनारे बने नाले में जा गिरी। आसपास के लोगों ने क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा
घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि अंधे की चौकी से दुबग्गा चौराहा तक का पूरा नाला बिना ढक्कन और किसी सुरक्षा व्यवस्था के खुला पड़ा है। यह न सिर्फ वाहन चालकों, बल्कि पैदल राहगीरों और जानवरों के लिए भी लगातार खतरा बना हुआ है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। एक स्थानीय ने कहा, “ऐसी लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। नाले को ढकवाया जाए, वरना रोज ऐसे हादसे होते रहेंगे।”इलाके में खुले नालों की पुरानी समस्या
यह पहला मामला नहीं है। मात्र 26 दिन पहले (5 फरवरी 2026) दुबग्गा के लालजी टंडन वार्ड के नरौना गांव में निर्माणाधीन खुले नाले में बग्घी समेत दो घोड़े गिर गए थे। घोड़े गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बग्घी चालक बाल-बाल बचा। उस वक्त भी नाले के आसपास न बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी बोर्ड। नाले का करीब 1 किलोमीटर लंबा हिस्सा खुला था और नगर निगम जोन-6 पर लापरवाही के आरोप लगे थे।
लखनऊ में खुले नालों के कारण पिछले एक साल में कई हादसे हो चुके हैं। ठाकुरगंज में बारिश के दौरान एक युवक नाले में गिरकर जान गंवा चुका है, जबकि बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के गिरने की घटनाएं आम हैं। नगर निगम की ओर से नाले ढकने की योजनाएं तो घोषित होती रहती हैं, लेकिन अमल धीमा पड़ता है।
प्रशासन से अपील- स्थानीयों की मांग है कि अंधे की चौकी से दुबग्गा चौराहा तक तत्काल नाले पर ढक्कन लगाए जाएं और सुरक्षा दीवार या रेलिंग लगाई जाए। नगर निगम आयुक्त और संबंधित जोन अधिकारी से अनुरोध है कि इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत संज्ञान लिया जाए, ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।यह घटना एक बार फिर सवाल उठाती है — क्या लखनऊ के खुले नाले शहरवासियों की जान लेते रहेंगे या नगर निगम अब जागेगा? प्रशासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए।
What's Your Reaction?