सऊदी अरब में फंसे युवक की पीएम मोदी से गुहार: 'रेगिस्तान में अकेला ऊंट चरा रहा हूं, पीएम सर बचा लो'
Daily News Mirror| Prayagraj News
प्रयागराज, 24 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के शेखपुर छतौना गांव के निवासी अंकित भारतीय उर्फ इंद्रजीत बेहद परेशान हालत में सऊदी अरब के रेगिस्तान में फंस चुके हैं। बेहतर कमाई के लालच में 1 अक्टूबर को वहां पहुंचे इस युवक को उसके कफील (स्पॉन्सर) ने धोखा दिया है। वादा किया गया काम देने के बजाय उसे तपती धूप में रेगिस्तान में ऊंट चराने का कठिन श्रम करवाया जा रहा है। कफील ने उनका पासपोर्ट और वीजा जब्त कर लिया है, जिससे वह स्वदेश लौटने में असमर्थ हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक भावुक वीडियो में इंद्रजीत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे मदद की गुहार लगाई है, जिससे पूरा देश उनकी व्यथा सुनकर सिहर उठा है।
कैसे पहुंचे सऊदी, और क्या हुआ धोखा?
अंकित भारतीय (इंद्रजीत) की उम्र महज 25-26 वर्ष है। उनके पिता जयप्रकाश भारतीय एक मजदूर हैं, जो ईंट-गारे का काम करते हैं। जून 2020 में हुई शादी के बाद इंद्रजीत के घर में एक तीन वर्षीय बेटा है, और उनकी बेटी का जन्म उनके सऊदी जाने के ठीक बाद हुआ। परिवार की आर्थिक तंगी से परेशान इंद्रजीत को विदेश जाने का ख्याल पत्नी पिंकी और ससुर राजेश सरोज के दबाव में आया। उन्होंने बताया कि एक एजेंट के माध्यम से उन्हें रियाद में 'अच्छी नौकरी' का लालच दिया गया, लेकिन पहुंचते ही कफील ने सब कुछ बदल दिया। वीजा दो साल का है, लेकिन पासपोर्ट जब्त होने से इंद्रजीत न तो काम बदल सकते हैं और न ही भारत लौट पा रहे हैं।
रेगिस्तान की चिलचिलाती धूप में अकेले ऊंटों की देखभाल करना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बन चुकी है। वीडियो में वे रोते हुए कहते हैं, "मैं यहां फंस गया हूं। कफील ने मेरा पासपोर्ट रख लिया है। रेगिस्तान में अकेला हूं, डर लगता है। ऊंट चराने का काम करवा रहे हैं, जो वादा किया था वो काम ही नहीं दिया। पीएम सर, मुझे घर बुला लो। प्रयागराज वापस आना चाहता हूं।" यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें हजारों यूजर्स #HelpIndrajit और #PMModi जैसे हैशटैग के साथ उनकी मदद की मांग कर रहे हैं।
परिवार की व्यथा: आशा और चिंता के बीच
इंद्रजीत का परिवार प्रयागराज में उनकी प्रतीक्षा में तड़प रहा है। पत्नी पिंकी रोजाना उनसे फोन पर बात करती हैं, लेकिन वे कहती हैं कि कभी-कभी गुस्से में इंद्रजीत ऐसी बातें कह देते हैं। "मैंने उन्हें वीडियो डालने से रोका था, लेकिन वे परेशान हैं। नया माहौल है, पहली बार विदेश गए हैं," पिंकी ने बताया। उनकी मां रंजू देवी का मानना है कि बेटा दो साल का वीजा पूरा करके ही लौटेगा, लेकिन दिल में चिंता बनी हुई है। ससुर राजेश सरोज पर विदेश भेजने का दबाव डालने का आरोप भी लग रहा है, हालांकि परिवार अब एकजुट होकर उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहा है।
क्या कहती है सरकार? दूतावास की चुप्पी
फिलहाल भारतीय दूतावास या विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और स्थानीय नेता दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। याद रहे, सऊदी अरब में कफाला सिस्टम के तहत मजदूरों का शोषण कोई नई समस्या नहीं है। पहले भी कई भारतीय मजदूरों ने इसी तरह पासपोर्ट जब्ती और जबरन श्रम की शिकायत की है। 2020 में कोरोना काल में सऊदी में फंसे सैकड़ों भारतीयों को भारत लाने के लिए सरकार ने विशेष उड़ानें चलाई थीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में एमआईजीरेंट्स रिसोर्स सेंटर (MRC) या हेल्पलाइन 1800-11-3090 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।आगे क्या? अपील और जागरूकता की जरूरतइंद्रजीत का मामला न केवल एक व्यक्ति की पीड़ा है, बल्कि विदेश जाने वाले लाखों भारतीय मजदूरों की असुरक्षा को उजागर करता है। एजेंटों के जाल में फंसने से बचने के लिए श्रमिकों को वीजा और कॉन्ट्रैक्ट की पूरी जांच करानी चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने लाखों लोगों का ध्यान खींचा है, और अब उम्मीद है कि केंद्र सरकार जल्द ही हस्तक्षेप करेगी। यदि आप भी इस मामले में मदद करना चाहें, तो वीडियो शेयर करें या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें। इंद्रजीत की तरह कोई और न फंसे, इसके लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।
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