मिर्जापुर में एंटी करप्शन टीम ने जेई मुसाफिर यादव को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा
Daily News Mirror| Mirzapur News
मिर्जापुर, 26 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में सिंचाई विभाग के बाण सागर परियोजना में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने जूनियर इंजीनियर (जेई) मुसाफिर यादव को ठेकेदार से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए बुधवार दोपहर रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जेई पर बेलन नहर के निर्माण कार्य का बिल पास कराने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। इस घटना से विभाग में हड़कंप मच गया है।
जेई मुसाफिर यादव बाण सागर खंड-5 में तैनात हैं। वे चंदौली जिले के सकलडीहा थाना क्षेत्र के नई बाजार निवासी हैं। ठेकेदार दीपक सिंह (या दीपक कुमार), प्रयागराज के मेजा क्षेत्र के रहने वाले, ने बाण सागर खंड-5 के अंतर्गत बेलन नहर (बेलन नहर/बेलोन नहर) में कराए गए निर्माण कार्य का बकाया बिल पास कराने के लिए जेई से संपर्क किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, बिल की राशि लगभग 20 लाख रुपये (कुछ रिपोर्टों में 70 लाख तक का उल्लेख) थी। जेई ने बिल पास करने और भुगतान रिलीज करने के लिए शुरू में दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी। ठेकेदार की ओर से बातचीत के बाद यह राशि एक लाख रुपये पर तय हुई, जिसे पहली किस्त के रूप में लिया जाना था।
ठेकेदार दीपक सिंह ने 23 मार्च को इसकी लिखित शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। टीम ने शिकायत की सत्यता जांचने के बाद जाल बिछाया। बुधवार दोपहर करीब 1 बजे जेई ने ठेकेदार को फतहां क्षेत्र स्थित बाण सागर कॉलोनी (छोटा सखौरा सिंचाई विभाग की बाणसागर कालोनी) में अपने आवास पर बुलाया। जैसे ही ठेकेदार ने एक लाख रुपये (कलर लगे नोटों में) जेई को सौंपे, छिपे हुए एंटी करप्शन टीम के सदस्यों ने आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया। जेई के हाथ धुलवाए गए तो केमिकल के कारण वे गुलाबी हो गए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। टीम ने रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली।
प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि ठेकेदार की शिकायत पर सफल ट्रैप ऑपरेशन चलाया गया। आरोपी को देहात कोतवाली ले जाकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। टीम आगे जांच कर रही है कि इस मामले में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल तो नहीं हैं। ऑपरेशन में अशोक कुमार सिंह, पतिराम यादव, पुनीत कुमार सिंह, अमितेज कुमार सिंह, सुधीर कुशवाहा, ओमकार यादव, गिरजेश कुमार यादव, सूरज गुप्ता, प्रशांत सिंह और सर्वेश तिवारी सहित टीम के सदस्य शामिल रहे।
यह कार्रवाई मिर्जापुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। ठेकेदारों के बिलों में देरी और रिश्वतखोरी की शिकायतें अक्सर आती रहती हैं, लेकिन इस तरह की ट्रैप कार्रवाई से विभागीय कर्मचारियों में सतर्कता बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर इस घटना की चर्चा जोरों पर है और लोग एंटी करप्शन टीम की तारीफ कर रहे हैं।
एंटी करप्शन अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपी जेई से पूछताछ जारी है और आगे की जांच में और खुलासे की संभावना है। यह मामला सरकारी परियोजनाओं में बिल पासिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाता है।
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