भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने पद से दिया इस्तीफा, स्वास्थ्य कारणों का दिया हवाला

Jul 21, 2025 - 23:40
Jul 22, 2025 - 12:23
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भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने पद से दिया इस्तीफा, स्वास्थ्य कारणों का दिया हवाला
फोटो: भारत के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

Daily News Mirror

New Delhi| 21 July 2025

भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण स्वास्थ्य समस्याओं को प्राथमिकता देना और चिकित्सीय सलाह का पालन करना बताया। धनखड़ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे पत्र में संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत तत्काल प्रभाव से अपने इस्तीफे की घोषणा की। यह भारत के इतिहास में पहला मौका है जब किसी उपराष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल के दौरान इस्तीफा दिया है। 

जगदीप धनखड़ ने 6 अगस्त 2022 को 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को 528 वोटों के साथ हराया था, जबकि अल्वा को 182 वोट मिले थे। अपने कार्यकाल के दौरान धनखड़ ने राज्यसभा के सभापति के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उपराष्ट्रपति ने अपने इस्तीफे के पत्र में लिखा, "स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देने और चिकित्सीय सलाह का पालन करने के लिए मैं यह कदम उठा रहा हूं। देश के इस परिवर्तनकारी युग में सेवा करना मेरे लिए सच्चा सम्मान रहा। मैं भारत की वैश्विक उपलब्धियों और प्रगति पर गर्व महसूस करता हूं।" उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति उनके सहयोग और सौहार्दपूर्ण कार्य संबंधों के लिए आभार भी व्यक्त किया।

इससे पहले, मार्च 2025 में धनखड़ को सीने में दर्द की शिकायत के बाद दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई थी। सूत्रों के अनुसार, वह उस समय कार्डियक विभाग में निगरानी में थे।

इस्तीफे की खबर के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा, "उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है, इसलिए मैं इस पर अटकलें नहीं लगाना चाहता।" वहीं, कांग्रेस सांसद किरण कुमार चमाला ने कहा कि धनखड़ ने इस्तीफे से पहले ही सुबह राज्यसभा में सभी दलों को एकजुट होकर देश के लिए काम करने की अपील की थी।

धनखड़ के इस्तीफे से उपराष्ट्रपति पद खाली हो गया है, और अब इस पद के लिए नए उम्मीदवार के चयन की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। उनके कार्यकाल को भारत के संवैधानिक और लोकतांत्रिक ढांचे में उनके योगदान के लिए याद किया जाएगा।

 इस बीच, सोशल मीडिया पर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करने वाले संदेशों की बाढ़ आ गई है। कई नेताओं और नागरिकों ने उनके योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की।

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