मिर्जापुर में गंगा नदी पर बनेगा 1708 करोड़ की लागत से छह लेन का भव्य पुल, बरसात के बाद शुरू होगा निर्माण
Daily News Mirror| Mirzapur, Uttar Pradesh
मीरजापुर: उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में गंगा नदी पर एक आधुनिक छह लेन के पुल का निर्माण जल्द शुरू होने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 1708 करोड़ रुपये है, और इसका निर्माण कार्य बरसात के बाद शुरू होगा। इस परियोजना की जिम्मेदारी दिल्ली की शिवालिया संस्था को सौंपी गई है। यह पुल न केवल मीरजापुर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएगा, बल्कि पूर्वांचल, बिहार, और नेपाल को जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
परियोजना का विवरण
यह छह लेन का पुल 2.6 किलोमीटर लंबा होगा और इसके साथ 12.4 किलोमीटर लंबी फोरलेन बाईपास सड़क भी बनाई जाएगी। यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-135 (मीरजापुर से रीवां, मध्य प्रदेश) को जोड़ेगी। सड़क कोन ब्लॉक के पुरजागीर से शुरू होकर सीटी ब्लॉक के टांड़ गांव तक जाएगी, जिसमें विंध्याचल के शिवपुर, मवैया, और अर्जुनपुर जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इस परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए फरवरी 2025 से काम शुरू होगा, और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
शास्त्री पुल की जगह लेगा नया पुल
वर्तमान में मीरजापुर में गंगा नदी पर स्थित शास्त्री पुल अपनी जर्जर स्थिति के कारण भारी वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं है। इस कारण केंद्र और राज्य सरकार ने इस नए छह लेन के पुल के निर्माण का निर्णय लिया। यह पुल दो हिस्सों में बनाया जाएगा, जिसमें प्रत्येक हिस्सा तीन लेन का होगा। यह डिजाइन सुनिश्चित करेगा कि यदि एक हिस्से में कोई खराबी होती है, तो दूसरा हिस्सा यातायात के लिए उपलब्ध रहेगा।
यातायात और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस पुल के निर्माण से मीरजापुर, औराई, भदोही, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर, और बिहार के सीवान, छपरा जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ नेपाल तक की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। अभी भारी वाहनों को वाराणसी, प्रयागराज, या जौनपुर के रास्ते लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, लेकिन इस पुल के बनने से यात्रा का समय और दूरी दोनों कम होंगे। इसके अलावा, सड़क के किनारे उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
भूमि अधिग्रहण और मुआवजा
परियोजना के लिए नौ गांवों को चिह्नित किया गया है, जिनमें टांड़, हर्रई, चितामनपुर, भवानीपुर, विंध्याचल (शिवपुर), मवैया (अर्जुनपुर), श्रीपट्टी, और पुरजागीर शामिल हैं। इन गांवों में भूमि के लिए सर्किल रेट निर्धारित कर दिए गए हैं, जैसे शिवपुर में 1,97,500 रुपये प्रति बिस्वा और चितामनपुर व पुरजागीर में 66,875 रुपये प्रति बिस्वा। मुआवजा वितरण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जिससे किसानों को उचित मुआवजा मिल सके।
पर्यावरण और तकनीकी तैयारी
पुल और सड़क निर्माण के लिए मिट्टी की जांच पूरी हो चुकी है। यह परियोजना केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के प्रयासों से गति पकड़ रही है। निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
महत्व और प्रभाव
यह परियोजना मीरजापुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। यह न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। स्थानीय लोगों और व्यापारियों को उम्मीद है कि इस पुल के बनने से मीरजापुर का क्षेत्रीय महत्व और बढ़ेगा। इस परियोजना के पूरा होने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
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