उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज: योगी, मौर्य और पाठक की दिल्ली मुलाकातों के सियासी मायने

Jul 21, 2025 - 16:07
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उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज: योगी, मौर्य और पाठक की दिल्ली मुलाकातों के सियासी मायने
फोटो: पीएम मोदी से मुलाकात करते सीएम योगी

लखनऊ, 21 जुलाई 2025: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। हाल के दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैक-टू-बैक मुलाकातों ने सूबे की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। इन मुलाकातों को 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले संगठन और सरकार में बड़े बदलावों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

मुलाकातों का सिलसिला

19 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब एक घंटे तक मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने यूपी में चल रहे विकास परियोजनाओं, जैसे नोएडा की फिल्म सिटी और लखनऊ के पीएम मेगा टेक्सटाइल पार्क, के शिलान्यास के लिए समय मांगा। इसके बाद योगी ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों में यूपी बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति, मंत्रिमंडल विस्तार और 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद रणनीति पर गहन चर्चा हुई।

इससे पहले, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 8 से 11 जुलाई के बीच अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की थी। मौर्य की सक्रियता और उनकी सोशल मीडिया पोस्ट, जिसमें उन्होंने 2027 में 2017 की जीत दोहराने की बात कही, ने सियासी अटकलों को हवा दी। मौर्य ने लिखा, “भारतीय राजनीति के चाणक्य अमित शाह से शिष्टाचार भेंट कर 2027 में उत्तर प्रदेश में 2017 दोहराने व तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।”

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अमित शाह और जेपी नड्डा से मुलाकात की और सोशल मीडिया पर इसे “प्रदेश की समृद्धि व विकास” से जोड़कर बताया। इन मुलाकातों ने यूपी बीजेपी के अंदरूनी समीकरणों और नेतृत्व में संभावित बदलाव की चर्चाओं को और तेज कर दिया।

सियासी मायने और अटकलें

इन मुलाकातों के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। पहला, 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की सीटों में कमी ने पार्टी हाईकमान को 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति में बदलाव के लिए मजबूर किया है। सूत्रों के अनुसार, यूपी बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द हो सकती है, और इसके लिए केशव प्रसाद मौर्य का नाम सबसे आगे चल रहा है। मौर्य, जो 2017 में प्रदेश अध्यक्ष के रूप में बीजेपी को रिकॉर्ड जीत दिला चुके हैं, को संगठन में वापस लाकर पार्टी ओबीसी और दलित वोटबैंक को मजबूत करना चाहती है।

दूसरा, योगी सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार और कुछ मंत्रियों की छुट्टी की अटकलें भी जोरों पर हैं। सूत्रों का कहना है कि योगी ने बीजेपी नेतृत्व के सामने अपनी बात मजबूती से रखी, खासकर नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर। साथ ही, कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा और प्रशासनिक फेरबदल पर भी चर्चा हुई।

तीसरा, योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के बीच कथित तनातनी की खबरें भी इन मुलाकातों की पृष्ठभूमि में हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर तंज कसते हुए कहा, “केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली के वाई-फाई का पासवर्ड हैं।” मौर्य और पाठक की कैबिनेट बैठकों में अनुपस्थिति और उनकी अलग-अलग सक्रियता ने इन अटकलों को और बल दिया।

संगठन और सरकार में बदलाव की संभावना

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी हाईकमान यूपी में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना चाहता है। नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन सामाजिक समीकरणों, खासकर ओबीसी और दलित समुदायों, को ध्यान में रखकर किया जाएगा ताकि अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले का मुकाबला किया जा सके। इसके अलावा, मंत्रिमंडल में नए चेहरों को शामिल करने और कुछ मंत्रियों को हटाने की चर्चा भी है।

योगी की दिल्ली यात्रा को उनकी राजनीतिक ताकत और पकड़ को प्रदर्शित करने के रूप में भी देखा जा रहा है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि मौर्य की मुलाकातों के जवाब में योगी ने यह दौरा किया ताकि यह संदेश दिया जाए कि वे अब भी पार्टी नेतृत्व के साथ मजबूत स्थिति में हैं।

विकास योजनाओं पर भी चर्चा

सियासी चर्चाओं के बीच, योगी ने पीएम मोदी के साथ यूपी की विकास योजनाओं पर भी बात की। खासकर, वाराणसी को देश के शीर्ष पांच स्वच्छ शहरों में शामिल करने और जेवर एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स पर जोर दिया गया। योगी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट कर उनका आत्मीय मार्गदर्शन प्राप्त किया।”

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