मिर्जापुर: अदवा बांध का हिस्सा ध्वस्त, मरम्मत में लापरवाही का आरोप, 3.50 करोड़ का खर्च बेकार
मीरजापुर, 22 जून 2025: उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में अदवा बांध का एक हिस्सा मॉनसून की पहली बारिश में ही ध्वस्त हो गया। इस घटना ने बांध की मरम्मत कार्य में भारी लापरवाही और घटिया निर्माण की पोल खोल दी है। बताया जा रहा है कि बांध की मरम्मत पर 3.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके चलते यह दुर्घटना हुई।
स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि बांध के निर्माण और मरम्मत में ठेकेदारों द्वारा निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया। मॉनसून की शुरुआत के साथ ही बांध में रिसाव शुरू हुआ, और देखते ही देखते इसका एक हिस्सा टूट गया। इस घटना से आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, और प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिए हैं।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि मरम्मत कार्य की निगरानी में उनकी भूमिका संदिग्ध रही है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि मरम्मत के दौरान कई बार अधिकारियों को अनियमितताओं की सूचना दी गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस घटना के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं और दोषी ठेकेदारों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।
यह घटना हाल के वर्षों में बांधों के रखरखाव और निर्माण में लापरवाही से जुड़ी कई घटनाओं की कड़ी में शामिल है। उदाहरण के लिए, 2022 में धार जिले के कोठीदा भारुड़पुरा में 100 करोड़ रुपये की लागत से बना एक बांध पहली बारिश में ही सीपेज के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। इसी तरह, सीतामढ़ी में बेलवा डैम से देवापुर तक बना तटबंध भी एक साल से कम समय में जर्जर हो गया।
स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि बांध की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। फिलहाल, प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा के लिए अस्थायी इंतजाम शुरू किए हैं और बांध के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम तेजी से शुरू करने का दावा किया है।
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