मिर्जापुर जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कनौजिया को पांचवीं बार सांप ने डसा, सांप की मौत
मिर्जापुर, 22 जून 2025: मिर्जापुर जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कनौजिया के साथ एक बार फिर हैरान करने वाला वाकया सामने आया है। गुरुवार शाम को वाराणसी स्थित उनके आवास से बाहर निकलते समय एक जहरीली नागिन ने उन्हें डस लिया। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां समय पर इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ। आश्चर्यजनक रूप से इस घटना में सांप की मौत हो गई, जबकि राजू कनौजिया पूरी तरह सुरक्षित हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब राजू कनौजिया को सांप ने डसा हो। उनके अनुसार, यह पांचवीं बार है जब उन्हें सर्पदंश का शिकार होना पड़ा, और हर बार वह सुरक्षित बच निकले। हैरानी की बात यह है कि इन पांच घटनाओं में से तीन बार सांप की मौत हो चुकी है। पिछले वर्ष भी जिला पंचायत आवास पर एक नागिन ने उन्हें डसा था, और तब भी वह सुरक्षित रहे थे।
राजू कनौजिया ने इस घटना के बाद कहा, "जनता के आशीर्वाद और समय पर इलाज के कारण मैं हर बार सुरक्षित रहा हूँ।" उन्होंने यह भी बताया कि वह सावधानी बरतते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएँ अप्रत्याशित रूप से हो जाती हैं। स्थानीय लोगों और समर्थकों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
पृष्ठभूमि और राजनीतिक सफर
राजू कनौजिया मिर्जापुर के जिला पंचायत अध्यक्ष हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हुए हैं। वर्ष 2021 में उन्होंने बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीता था। वह सिटी-4 से जिला पंचायत सदस्य चुने गए थे और पूर्व एमएलसी विनीत सिंह के करीबी माने जाते हैं। उनकी जीत ने मिर्जापुर में भाजपा को पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट दिलाई थी।
सर्पदंश की घटनाएँ और जागरूकता
उत्तर प्रदेश में सर्पदंश की घटनाएँ असामान्य नहीं हैं, लेकिन राजू कनौजिया का पांच बार सांप के काटने से बचना और तीन सांपों की मौत होना चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश के मामले में तत्काल चिकित्सा सहायता लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है। मेरठ मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के अनुसार, सांप के काटने पर प्रभावित हिस्से को बांधकर और मरीज को स्थिर रखकर जहर को फैलने से रोका जा सकता है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय नजदीकी अस्पताल में इलाज कराएँ। राजू कनौजिया की इस घटना ने एक बार फिर सर्पदंश के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम किया है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियाँ बटोरीं। कई यूजर्स ने मजाकिया लहजे में लिखा, "नेताजी को सांप ने काटा, लेकिन सांप की मौत हो गई!" कुछ ने इसे उनके भाग्य और जनता के आशीर्वाद से जोड़ा।
फिलहाल, राजू कनौजिया स्वस्थ हैं और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए तैयार हैं। यह घटना न केवल उनके लिए बल्कि पूरे क्षेत्र में एक अनोखी कहानी बन गई है।
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