मिर्जापुर में दरोगा ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस विभाग में हड़कंप

Sep 6, 2025 - 20:46
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मिर्जापुर में दरोगा ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस विभाग में हड़कंप
फोटो: थाना चिल्ह, मिर्जापुर

Daily News Mirror| Mirzapur 

मिर्जापुर, 6 सितंबर 2025: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चील्ह थाना में तैनात उपनिरीक्षक अनिल कुमार ओझा (58) ने शनिवार दोपहर अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पुलिस विभाग और स्थानीय समुदाय में सनसनी फैला दी। अनिल ओझा, जो प्रतापगढ़ जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र के मकरी गांव के मूल निवासी थे, 1987 बैच के पुलिस अधिकारी थे और उनकी सेवानिवृत्ति 2027 में होनी थी।

जानकारी के अनुसार, अनिल ओझा पिछले एक वर्ष से चील्ह थाना में तैनात थे और थाने से लगभग 800 मीटर की दूरी पर एक किराए के मकान में रह रहे थे। शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे वे थाने के मेस से खाना लेकर अपने कमरे पर गए थे। दोपहर 12:15 बजे जब वे थाने नहीं पहुंचे, तो सहकर्मियों ने उन्हें फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिसकर्मी उनके कमरे पर पहुंचे, जहां उनका शव पंखे से रस्सी के सहारे लटकता मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

पुलिस ने शुरू की जांच 

घटना की सूचना पर एएसपी नगर नितेश सिंह, सीओ सदर अमर बहादुर, और प्रभारी निरीक्षक विजय शंकर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कमरे को सील कर दिया और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाने शुरू किए। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। सीओ सदर अमर बहादुर ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

मानसिक तनाव और स्थानांतरण की चर्चा 

सूत्रों के अनुसार, अनिल ओझा का हाल ही में चील्ह थाने से देहात कोतवाली में स्थानांतरण हुआ था। तबादले के बाद से वे ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहे थे और कई महीनों से मानसिक तनाव में थे। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से अवसाद (डिप्रेशन) से जूझ रहे थे। हालांकि, आत्महत्या का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य सबूतों का विश्लेषण शामिल है।

परिवार और सहकर्मियों में शोक 

अनिल ओझा की आत्महत्या की खबर ने उनके परिवार और सहकर्मियों को गहरे सदमे में डाल दिया है। उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। स्थानीय लोगों और पुलिस विभाग में इस घटना को लेकर शोक की लहर है। पुलिस विभाग में उठ रहे सवाल

इस घटना ने पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर तनाव के मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिसकर्मियों पर काम का दबाव और स्थानांतरण जैसे मुद्दे उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। इस मामले ने पुलिस विभाग में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समर्थन की जरूरत को और रेखांकित किया है।

पुलिस ने इस मामले में गोपनीयता बरतते हुए कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के कारणों के बारे में ठोस जानकारी दी जा सकेगी। फिलहाल, यह घटना मिर्जापुर और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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