ऑपरेशन सिंदूर का बदला लेने की कोशिश नाकाम, जवाब में भारत ने लाहौर में पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम किया तबाह
ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने 7 मई की रात को भारतीय सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले की रची थी साजिश
नई दिल्ली, 8 मई 2025: भारत ने एक बार फिर अपनी सैन्य ताकत और रणनीतिक चतुराई का परिचय देते हुए पाकिस्तान की नापाक साजिश को नाकाम कर दिया। पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जवाब में भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने इसे पूरी तरह विफल कर दिया। इसके बाद भारत ने त्वरित और सटीक कार्रवाई करते हुए लाहौर में पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया, जिससे पड़ोसी मुल्क में हड़कंप मच गया।
ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमला
'ऑपरेशन सिंदूर' 6-7 मई 2025 की रात को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा शुरू किया गया एक ऐतिहासिक सैन्य अभियान था, जिसका उद्देश्य 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेना था। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक शामिल थे। भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त अभियान में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। इस कार्रवाई में 80 से 100 आतंकवादी मारे गए, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य भी शामिल थे।
भारत ने इस ऑपरेशन में सटीकता और संयम का परिचय देते हुए किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने या नागरिक क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हमारी कार्रवाई केंद्रित, नपी-तुली और गैर-उकसावे वाली थी। हमारा मकसद केवल आतंकवाद को खत्म करना था।"
पाकिस्तान की नाकाम कोशिश
ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने 7 मई की रात को भारतीय सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले की साजिश रची। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट और अवंतीपोरा सहित 15 भारतीय शहरों पर हाई-कैलिबर रॉकेट्स और मिसाइलों से हमला करने की कोशिश की। हालांकि, भारत के अत्याधुनिक S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को न केवल रोका, बल्कि सभी रॉकेट्स को हवा में ही नष्ट कर दिया।
भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "पाकिस्तान का इरादा ऑपरेशन सिंदूर का बदला लेना था, लेकिन हमारी वायु रक्षा प्रणाली ने उनकी हर कोशिश को नाकाम कर दिया। यह हमारी सैन्य तैयारियों और तकनीकी श्रेष्ठता का प्रमाण है।"
भारत का त्वरित पलटवार: लाहौर में तबाही
पाकिस्तान की इस नाकाम कोशिश के कुछ ही घंटों बाद, भारत ने सुबह तड़के लाहौर, कराची और रावलपिंडी में चुनिंदा ठिकानों पर जवाबी हमले किए। सबसे बड़ा झटका लाहौर में पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को लगा, जिसे भारतीय वायुसेना ने सटीक मिसाइल हमलों से पूरी तरह तबाह कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना ने राफेल जेट्स और SCALP मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जो 560 किलोमीटर की दूरी से भी जमीन के नीचे छिपे ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम हैं। इस हमले ने पाकिस्तान के चीनी निर्मित एयर डिफेंस सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर दिया, जिसे पाकिस्तान ने अपनी रक्षा का आधार माना था।
पाकिस्तान में हड़कंप, शहबाज शरीफ की बौखलाहट
भारत के इस पलटवार से पाकिस्तान में कोहराम मच गया। इस्लामाबाद और लाहौर हवाई अड्डों पर सभी उड़ानें अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दी गईं। पाकिस्तानी सेना के टैंक मुरीदके की सड़कों पर उतर आए, और पूरे देश में सायरन की गूंज सुनाई दी।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के हमलों को "कायराना" करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी। हालांकि, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बाद में एक इंटरव्यू में कहा, "अगर भारत और कार्रवाई नहीं करता, तो हम भी कोई जवाबी कदम नहीं उठाएंगे।" यह बयान पाकिस्तान की कमजोर सैन्य स्थिति और भारत की ताकत के सामने उसकी मजबूरी को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत और पाकिस्तान से संयम बरतने की अपील की। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वह स्थिति पर नजर रख रहा है, जबकि अमेरिकी पत्रकार सदानंद धूमे और विदेश नीति विशेषज्ञ माइकल कुगेलमैन ने भारत की कार्रवाई को 2019 के बालाकोट हमले से "कहीं अधिक घातक और व्यापक" बताया।
भारत की स्थिति: संयम के साथ ताकत
भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका उद्देश्य तनाव बढ़ाना नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देना है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद की कार्रवाइयां आतंकवाद के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा हैं। हम शांति चाहते हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर और जवाबी कार्रवाइयों की बारीकी से निगरानी की। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय मंत्रिमंडल को स्थिति से अवगत कराया।
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