वैभव सूर्यवंशी: 14 साल की उम्र में IPL में रचा इतिहास, बिहार के लाल की चमक

ऐतिहासिक पारी: 35 गेंदों में 11 छक्कों की मदद से 101 रन

Apr 29, 2025 - 15:01
Apr 29, 2025 - 15:05
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वैभव सूर्यवंशी: 14 साल की उम्र में IPL में रचा इतिहास, बिहार के लाल की चमक
फोटो: वैभव सूर्यवंशी

29 अप्रैल, 2025, समस्तीपुर, बिहार 

बिहार के समस्तीपुर जिले के छोटे से गांव ताजपुर से निकला एक 14 साल का नन्हा सितारा, वैभव सूर्यवंशी, आज क्रिकेट की दुनिया में तहलका मचा रहा है। 28 अप्रैल, 2025 को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के 47वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए वैभव ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ महज 35 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। यह न केवल IPL में सबसे तेज भारतीय शतक है, बल्कि टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी है। उनकी इस विस्फोटक पारी ने क्रिकेट दिग्गजों से लेकर फैंस तक, सभी को उनका मुरीद बना लिया है।

ऐतिहासिक पारी: 35 गेंदों में 101 रन

राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेले गए इस मुकाबले में गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 209 रन बनाए। जवाब में राजस्थान की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी ने अपने आतिशी अंदाज में की। उन्होंने पहली ही गेंद से आक्रामक रुख अपनाया और मात्र 17 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद, उन्होंने राशिद खान और करीम जनत जैसे गेंदबाजों की धुनाई करते हुए 35 गेंदों में 101 रन ठोक डाले। उनकी पारी में 7 चौके और 11 छक्के शामिल थे, जो किसी भारतीय द्वारा IPL की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड है। वैभव की इस पारी की बदौलत राजस्थान ने 15.5 ओवर में 2 विकेट खोकर 210 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। यशस्वी जायसवाल (40 गेंदों में नाबाद 70) के साथ उनकी 166 रन की साझेदारी ने मैच को एकतरफा बना दिया। इस प्रदर्शन के लिए वैभव को 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार मिला।

वैभव ने मैच के बाद कहा, "आईपीएल में शतक बनाना मेरा सपना था, और आज वह पूरा हुआ। मैं ज्यादा नहीं सोचता, बस गेंद को देखता हूं और खेलता हूं। यशस्वी भाई और राहुल सर (द्रविड़) ने मुझे हमेशा प्रेरित किया।" उनकी इस पारी ने यूसुफ पठान (37 गेंदों में शतक) का 15 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा और क्रिस गेल (30 गेंदों में शतक) के बाद IPL में दूसरा सबसे तेज शतक बन गया।

वैभव का जीवन: मेहनत और समर्पण की कहानी

27 मार्च, 2011 को समस्तीपुर के ताजपुर गांव में जन्मे वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट की दुनिया में अपनी यात्रा बेहद कम उम्र में शुरू की थी। उनके पिता, संजीव सूर्यवंशी, एक किसान और क्रिकेट प्रेमी हैं, जिन्होंने वैभव के सपनों को पंख दिए। मात्र 4 साल की उम्र में वैभव ने बल्ला थामा और 9 साल की उम्र में अपने पिता की कोचिंग में क्रिकेट की बारीकियां सीखना शुरू किया। उनके कोच बृजेश झा बताते हैं, "वैभव बचपन से ही अनुशासित और मेहनती थे। वह सुबह 2:30 बजे से पटेल मैदान में प्रैक्टिस करते थे और शाम तक कड़ी मेहनत करते।"

वैभव की प्रतिभा तब सुर्खियों में आई जब उन्होंने 12 साल 284 दिन की उम्र में जनवरी 2024 में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया। यह रिकॉर्ड उन्हें सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह जैसे दिग्गजों से आगे ले गया। 2023 में वीनू मांकड़ अंडर-19 टूर्नामेंट में उन्होंने 393 रन बनाए, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल थे। इसके अलावा, हेमंत ट्रॉफी में 670 रन (तीन शतक, तीन अर्धशतक) और कूच बिहार ट्रॉफी में झारखंड के खिलाफ 151 रन की पारी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

रिकॉर्ड्स की झड़ी: वैभव का चमकता करियर

वैभव ने अपने छोटे से करियर में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं:

  • सबसे कम उम्र में रणजी डेब्यू: 12 साल 284 दिन की उम्र में बिहार के लिए मुंबई के खिलाफ डेब्यू।
  • सबसे तेज अंडर-19 टेस्ट शतक: सितंबर 2024 में चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ 58 गेंदों में 104 रन, जो भारतीय अंडर-19 टेस्ट में सबसे तेज शतक है।
  • सबसे कम उम्र में अंडर-19 वनडे डेब्यू: 13 साल 248 दिन की उम्र में 2024 अंडर-19 एशिया कप में भारत के लिए डेब्यू, पीयूष चावला का रिकॉर्ड तोड़ा।
  • सबसे कम उम्र में IPL शतक: 14 साल 32 दिन की उम्र में 35 गेंदों में शतक, टी20 क्रिकेट में विश्व रिकॉर्ड।
  • सबसे कम उम्र में IPL डेब्यू: 14 साल 23 दिन की उम्र में 19 अप्रैल, 2025 को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ डेब्यू, जहां उन्होंने पहली गेंद पर छक्का जड़ा।

2024 अंडर-19 एशिया कप में वैभव ने दो अर्धशतक (यूएई और श्रीलंका के खिलाफ) बनाए और भारत को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी 46 गेंदों में 76 रन की नाबाद पारी ने शारजाह में तहलका मचा दिया।

दिग्गजों की तारीफ और जश्न का माहौल

वैभव की इस ऐतिहासिक पारी ने क्रिकेट जगत को हिला दिया। सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, रोहित शर्मा, और सूर्यकुमार यादव जैसे दिग्गजों ने उनकी तारीफ में कसीदे पढ़े। यूसुफ पठान ने X पर लिखा, "वैभव को मेरा रिकॉर्ड तोड़ने की बधाई। राजस्थान रॉयल्स के लिए यह देखना खास है। अभी बहुत आगे जाना है, चैंपियन!" राजस्थान के कोच राहुल द्रविड़, जो चोट के कारण व्हीलचेयर पर थे, वैभव के शतक पर खड़े होकर तालियां बजाते नजर आए।

वैभव के गृहनगर समस्तीपुर में उनकी इस उपलब्धि पर जश्न का माहौल है। उनके पैतृक आवास पर देर रात तक आतिशबाजी हुई, मिठाइयां बांटी गईं, और उनके नाम का केक काटा गया। उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने भावुक होते हुए कहा, "वैभव ने पूरे जिले, राज्य, और देश का नाम रोशन किया। हम राजस्थान रॉयल्स और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को धन्यवाद देते हैं।"

आगे की राह: उज्ज्वल भविष्य

वैभव सूर्यवंशी की यह पारी न केवल उनकी प्रतिभा का प्रमाण है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए एक नई उम्मीद भी जगाती है। पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने उन्हें सलाह दी कि वे IPL में 20 साल तक खेलने का लक्ष्य रखें। विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल द्रविड़ जैसे अनुभवी कोच के मार्गदर्शन में वैभव और बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं।

 वैभव की कहानी मेहनत, समर्पण, और सपनों की उड़ान की मिसाल है। बिहार के इस लाल ने साबित कर दिया कि उम्र महज एक संख्या है, और प्रतिभा के आगे कोई बाधा नहीं टिकती। जैसे-जैसे IPL 2025 आगे बढ़ेगा, क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस युवा सितारे पर टिकी रहेगी, जो हर गेंद के साथ नया इतिहास लिख रहा है।

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