सीमा पर तनाव के बीच दिल्ली में हाई-लेवल बैठक, पीएम मोदी ने सेना को कार्रवाई की दी खुली छूट

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोवाल और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी हुए शामिल

Apr 29, 2025 - 21:48
 0
सीमा पर तनाव के बीच दिल्ली में हाई-लेवल बैठक, पीएम मोदी ने सेना को कार्रवाई की दी खुली छूट
फोटो: दिल्ली में हुई हाई लेवल मीटिंग

नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2025: भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव और हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद नई दिल्ली में उच्च स्तरीय हलचल देखने को मिली। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अहम बैठक की, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोवाल और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए। यह बैठक प्रधानमंत्री आवास पर करीब एक घंटे तक चली, जिसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी के साथ अतिरिक्त समय तक चर्चा की।

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की पूरी छूट दे दी है। पीएम मोदी ने कहा, "आतंकवाद को करारा जवाब देना हमारा दृढ़ राष्ट्रीय संकल्प है। हमें अपनी सेना की पेशेवर क्षमता पर पूर्ण भरोसा है। जवाबी कार्रवाई का तरीका, लक्ष्य और समय तय करने का पूरा अधिकार सेना को है।" यह बयान भारत की कठोर नीति और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाता है।

तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल, रणनीति पर मंथन

बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह मौजूद थे। सूत्रों का कहना है कि बैठक का मुख्य एजेंडा सीमा पर तनाव और आतंकी गतिविधियों से निपटने की रणनीति तैयार करना था। पहलगाम हमले के बाद यह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पीएम मोदी की चौथी मुलाकात थी, जबकि पिछले 12 घंटों में दूसरी बार दोनों नेताओं ने इस मसले पर चर्चा की।

पहलगाम हमले ने बढ़ाया तनाव

हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव को और बढ़ा दिया है। इस हमले को पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों से जोड़कर देखा जा रहा है। भारत ने पहले भी ऐसी घटनाओं के बाद कड़ा रुख अपनाया है, और इस बार भी सरकार और सेना किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं दिख रही।

आगे की रणनीति पर नजर

इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद माना जा रहा है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी में है। सेना को दी गई छूट से यह स्पष्ट है कि भारत न केवल रक्षात्मक, बल्कि आक्रामक रणनीति पर भी काम कर सकता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सीमा पर भारत की सैन्य गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है।

यह बैठक और पीएम मोदी का बयान न केवल भारत की सैन्य तैयारियों को दर्शाता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी यह संदेश देता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow