भदोही में साइबर फ्रॉड का बड़ा खुलासा: चीन-हांगकांग से जुड़े गैंग के 7 सदस्य गिरफ्तार, 5 करोड़ से ज्यादा की ठगी का पर्दाफाश
Daily News Mirror/ Bhadohi News
भदोही, 21 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में साइबर क्राइम की बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पुलिस ने एक अंतरराज्यीय फ्रॉड गैंग के सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग चीन और हांगकांग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, जो टेलीग्राम के जरिए संचालित होता था। गिरोह ने निवेश ऐप और क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी के जरिए 5 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। पुलिस को 700 से ज्यादा फर्जी बैंक खाते मिले हैं, और इस मामले में 100 से अधिक शिकायतें विभिन्न राज्यों से दर्ज हैं।
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश पर साइबर क्राइम टीम ने यह सफलता हासिल की। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि गिरोह के सदस्यों को गोपीगंज थाना क्षेत्र के ओवरब्रिज के नीचे, पिलर नंबर 52 के पास बस स्टैंड वेटिंग एरिया से दबोच लिया गया। सभी आरोपी वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर और भदोही के निवासी हैं। गिरफ्तार सदस्यों को कोतवाली पुलिस के हवाले कर जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार बदमाशों के नाम
- अंकुश सोनी (निवासी मंसूराबाद, नबाबगंज, प्रयागराज)
- कमलेश कुमार बिंद (निवासी पूरेनगरी, ऊंज, भदोही)
- शनि सिंह (निवासी नवलपुर जखांव, गोपीगंज, भदोही)
- अवधेश कुमार चौधरी उर्फ दीपू (निवासी हाजीपट्टी नारायणपुर, अदलहाट, मिर्जापुर)
- राहुल पासी (निवासी भिदिउरा, ज्ञानपुर, भदोही)
- शहजाद (निवासी पूरेगुलाब, गोपीगंज, भदोही)
- शोएब अंसारी उर्फ राजा (निवासी बड़ागांव, वाराणसी; हाल पता: भुड़की, ज्ञानपुर, भदोही)
पुलिस ने पूछताछ में खुलासा किया कि गिरोह में दो सदस्य—सुधांशु गुप्ता (वाराणसी) और अवधेश बिंद (भदोही)—फरार हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है।
ठगी की चालाकी भरी रणनीति
गिरोह का modus operandi बेहद सटीक और तकनीकी था। सदस्य फर्जी ट्रेडिंग ऐप (जैसे BDG बेटिंग ऐप, EL बैंक ऐप) के जरिए लोगों को जल्दी मुनाफे का लालच देते थे। वे आईडी, पासवर्ड और KYC दस्तावेज हासिल कर पैसे को अपने फर्जी खातों में ट्रांसफर कर लेते, फिर गेमिंग या USD T क्रिप्टो वॉलेट में खर्च कर लाभ कमाते। इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड में वे खुद को बैंक कर्मचारी बताकर फोन करते, डिटेल्स और OTP चुराकर अमेजन पे वॉलेट में जमा करते, फिर UPI से CSC सेंटरों के जरिए कैश निकाल लेते। पहचान छिपाने के लिए आधार कार्ड में नाम बदलते, फर्जी व्हाट्सएप-टेलीग्राम आईडी चलाते और अंतरराष्ट्रीय ISD नंबर्स का इस्तेमाल करते। ठगी की यह रकम तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में फैली हुई थी।
चीन-हांगकांग का अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
पूछताछ में आरोपी स्वीकार कर चुके हैं कि उनका मुख्य नेटवर्क चीन और हांगकांग से जुड़ा था। टेलीग्राम चैट्स, आईडी और मलेशियाई APK फाइलों से यह साफ होता है कि विदेशी हैंडलर्स निर्देश देते थे। पुलिस को शक है कि ठगे गए पैसे क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेश भेजे जाते थे। यह गिरोह कई प्रांतों में सक्रिय था और NCRP पोर्टल पर दर्ज शिकायतों से जुड़ा हुआ था।
पुलिस को मिली साक्ष्य सामग्री
- गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित जब्त किया:10 मोबाइल फोन
- 10 डेबिट/क्रेडिट कार्ड और ATM कार्ड
- 6 आधार कार्ड
- 1 पासबुक और ड्राइविंग लाइसेंस
- 5,000 रुपये नकद
- 1 चार पहिया वाहन और 1 मोटरसाइकिल
- साइबर अपराध से जुड़ी APK फाइलें, ऐप लिंक, व्हाट्सएप-टेलीग्राम चैट्स
- 700 से अधिक फर्जी बैंक खाते की डिटेल्स
- चीन-हांगकांग संबंधित चैट लॉग्स और मलेशियाई APK कॉपीज
अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने कहा, "यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ हमारी मुहिम का हिस्सा है। गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहन जांच जारी है, और फरार सदस्यों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।" पुलिस ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध कॉल्स या ऐप्स पर सावधानी बरतें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।यह घटना साइबर क्राइम के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, जहां अंतरराष्ट्रीय गिरोह भारतीय नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। भदोही पुलिस की इस सफलता से क्षेत्र में राहत की सांस बंधी है।
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