मिर्जापुर: मेरी मां ने जहर खाया है, मुझे एम्बुलेंस चाहिए..., 5 साल की मासूम की सूझबूझ ने बचाई मां की जान

Oct 20, 2025 - 10:00
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मिर्जापुर: मेरी मां ने जहर खाया है, मुझे एम्बुलेंस चाहिए..., 5 साल की मासूम की सूझबूझ ने बचाई मां की जान
फोटो: शिवानी

Daily News Mirror| Mirzapur News 

मिर्जापुर, 19 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र में एक ऐसी मासूम बच्ची की बहादुरी की मिसाल कायम हुई है, जिसने अपनी छोटी-सी उम्र में मां की जान बचा ली। 5 वर्षीय शिवानी ने जब अपनी मां को जहर पीते देखा, तो घबराहट के बावजूद उसने स्कूल में सीखे हेल्पलाइन नंबर 1090 पर तुरंत कॉल कर मदद मांगी। पुलिस की फुर्ती भरी कार्रवाई से मां आरती की जान समय रहते बच गई। यह घटना न केवल 'मिशन शक्ति' अभियान की सफलता का प्रतीक है, बल्कि बच्चों में जागरूकता की ताकत को भी रेखांकित करती है।

घटना शनिवार शाम करीब 4 बजे मड़िहान थाना क्षेत्र के गोपलपुर पुरवा तेंदुईया (तेन्दुइया गोपालपुर) गांव में घटी। 27 वर्षीय आरती, जो बाबूनंदन की पत्नी हैं, घरेलू विवाद से तंग आकर जहरीला पदार्थ पी लिया। विवाद की वजह से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया, लेकिन उनकी 5 साल की बेटी शिवानी ने मौके की नजाकत को भांप लिया। मां को अचेत अवस्था में देखकर शिवानी ने बिना वक्त गंवाए मोबाइल उठाया और 1090 महिला हेल्पलाइन पर कॉल कर दिया। कॉल पर उसने साफ और हिम्मत भरी आवाज में कहा, "मेरी मां ने जहर खाया है, मुझे एम्बुलेंस चाहिए, जल्दी भेजिए।"

हेल्पलाइन पर कॉल मिलते ही मड़िहान थाने की टीम और पीआरवी-112 वाहन तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने आनन-फानन में आरती को नजदीकी मड़िहान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू कर दिया। समय रहते मिले इलाज से आरती की हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं। मौके पर मड़िहान थाना प्रभारी बालमुकुंद मिश्रा, उप निरीक्षक बृजेश सिंह और हेड कांस्टेबल रामबली सिंह यादव मौजूद थे, जिनकी फुर्ती ने इस चमत्कार को संभव बनाया।

शिवानी ने यह नंबर कहां से सीखा? इसका जवाब है 'मिशन शक्ति' अभियान। थाना प्रभारी बालमुकुंद मिश्रा ने बताया कि हाल ही में ओम साईं जनता जनार्दन इंटरमीडिएट कॉलेज, कलवारी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं को 1090, 112 और 181 जैसे हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी थी। मिश्रा ने कहा, "मिशन शक्ति अभियान के तहत बच्ची ने हेल्पलाइन नंबर के बारे में सुना था, जिसके कारण उसने तुरंत फोन करके अपनी मां की जान बचाई। यह अभियान की सच्ची सफलता है।" इसी तरह, अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल) मनीष कुमार मिश्रा ने भी इस घटना को सराहते हुए कहा, "शिवानी ने जिस तरह से सूझबूझ दिखाई, वह मिशन शक्ति की जागरूकता का बड़ा उदाहरण है। हम ऐसी पहलों को और मजबूत करेंगे।"

यह घटना मिर्जापुर पुलिस और 'मिशन शक्ति' अभियान 5.0 के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रही है, जो महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर केंद्रित है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने शिवानी की हिम्मत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की खूब तारीफ की है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "ऐसी छोटी बच्ची की समझदारी देखकर गर्व होता है। अगर हर बच्चा ऐसा जागरूक हो जाए, तो कई जिंदगियां बच सकती हैं।"

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित 1090 वीमेन पावर लाइन हेल्पलाइन ने पहले भी कई महिलाओं को संकट से उबारा है, लेकिन शिवानी जैसी मासूम की कॉल ने इसे एक नया आयाम दिया है। पुलिस ने परिवार का कोई भी घरेलू विवाद सुलझाने का आश्वासन दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि हमें याद दिलाती है कि जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।

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