Daily News Mirror| Bhadohi
वाराणसी, 19 अगस्त 2025: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और भदोही विधानसभा क्षेत्र से 2017-22 तक विधायक रहे रविंद्र नाथ त्रिपाठी पर बीते गुरुवार को वाराणसी के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में जानलेवा हमला किया गया। इस सनसनीखेज घटना में पूर्व विधायक को गंभीर चोटें आईं, उनके दांत टूट गए, और हमलावरों ने कथित तौर पर एक लाख रुपये की नकदी और सोने की चेन लूट ली। हमले में उनके गनर और ड्राइवर की भी पिटाई की गई। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
पुलिस के अनुसार, घटना गुरुवार दोपहर की है, जब रविंद्र नाथ त्रिपाठी रजिस्ट्री कार्यालय में एक संपत्ति से संबंधित कार्य के लिए पहुंचे थे। रुपये के लेनदेन को लेकर पूर्व विधायक और कुछ अधिवक्ताओं के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि अधिवक्ताओं ने अपने साथियों को बुलाकर त्रिपाठी और उनके सहयोगियों पर हमला कर दिया। हमलावरों ने न केवल मारपीट की, बल्कि उनके गनर और ड्राइवर को भी नहीं बख्शा। इस दौरान पूर्व विधायक की सोने की चेन और नकदी लूटने का भी आरोप है।
घटना की सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पूर्व विधायक की तहरीर के आधार पर रविवार दोपहर दो बजे कैंट थाने में दो नामजद व्यक्तियों, एजाज और ऋषिकांत सिंह, सहित 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, लूट, रंगदारी, और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक (शहर) ने बताया कि प्रारंभिक जांच में रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद की बात सामने आई है। उन्होंने कहा, "हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।" पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि घटना के पीछे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच की जा रही है।इस घटना ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। भाजपा नेताओं ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे कानून-व्यवस्था की विफलता करार दिया है। एक स्थानीय भाजपा नेता ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में एक पूर्व विधायक पर इस तरह का हमला शर्मनाक है। यह घटना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है।" दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने इस मामले को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा है। सपा के एक नेता ने कहा, "कचहरी परिसर जैसी सुरक्षित जगह पर यदि पूर्व विधायक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा?"
स्थानीय लोगों और अधिवक्ता समुदाय के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा गर्म है। कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बार एसोसिएशन के एक सदस्य ने बताया कि इस तरह की घटनाएं कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने प्रशासन से परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम और सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।
पूर्व विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी ने इस घटना के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैं रजिस्ट्री कार्यालय में एक सामान्य कार्य के लिए गया था, लेकिन वहां मुझ पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया। यह बेहद निंदनीय है। मैं चाहता हूं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।" उन्होंने यह भी कहा कि वे इस मामले को उच्च स्तर तक ले जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।