मेरठ टोल प्लाजा पर जवान से मारपीट मामले पर NHAI का सख्त एक्शन, लाइसेंस रद्द, 20 लाख का जुर्माना 

मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद देश भर में आक्रोश

Aug 19, 2025 - 05:41
 0
मेरठ टोल प्लाजा पर जवान से मारपीट मामले पर NHAI का सख्त एक्शन, लाइसेंस रद्द, 20 लाख का जुर्माना 
वीडियो वायरल होने के बाद देश भर में आक्रोश

Daily News Mirror| Meerut

मेरठ, 19 अगस्त 2025: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में मेरठ-करनाल राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-709A) पर स्थित भूनी टोल प्लाजा पर 17 अगस्त 2025 की रात एक शर्मनाक घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी मचा दी। भारतीय सेना के जवान कपिल सिंह और उनके चचेरे भाई शिवम के साथ टोल कर्मचारियों द्वारा की गई बर्बर मारपीट ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए, बल्कि सैनिकों के सम्मान और टोल प्लाजा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर बहस छेड़ दी है। इस घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए टोल संचालक एजेंसी मेसर्स धर्म सिंह एंड कंपनी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और उनका लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

घटना का विवरण

घटना रविवार रात करीब 8 बजे की है, जब मेरठ के गोटका गांव के निवासी कपिल सिंह, जो भारतीय सेना की राजपूत रेजिमेंट में तैनात हैं और हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर में शामिल थे, अपनी छुट्टी समाप्त कर श्रीनगर में ड्यूटी जॉइन करने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट जा रहे थे। उनके साथ उनका चचेरा भाई शिवम भी था। भूनी टोल प्लाजा पर लंबी कतार और समय की कमी के कारण कपिल ने टोल कर्मचारियों से जल्दी रास्ता देने का अनुरोध किया और अपना सेना का पहचान पत्र दिखाया। 

आरोप है कि टोल कर्मचारियों ने न केवल कपिल की बात को अनसुना किया, बल्कि उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर कर्मचारियों ने कपिल को खंभे से बांधकर लाठी-डंडों और ईंटों से बेरहमी से पिटाई की। उनके भाई शिवम ने बचाव की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी मारपीट का शिकार होना पड़ा। इस घटना का वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जनता में भारी आक्रोश फैल गया।

NHAI की सख्त कार्रवाई

घटना की गंभीरता को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तत्काल कार्रवाई की। NHAI ने टोल संचालक एजेंसी मेसर्स धर्म सिंह एंड कंपनी पर 20 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया और उनके अनुबंध को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके साथ ही, एजेंसी को भविष्य में टोल प्लाजा की बिडिंग में भाग लेने से प्रतिबंधित करने की कार्रवाई भी शुरू की गई है। NHAI ने अपने बयान में कहा, “टोल कर्मचारियों का यह व्यवहार अस्वीकार्य है। हम राष्ट्रीय राजमार्गों पर सभी यात्रियों, विशेषकर सेना और सुरक्षा बलों के लिए सुरक्षित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

पुलिस का एक्शन और गिरफ्तारियां

मेरठ पुलिस ने वायरल वीडियो और पीड़ितों की शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई की। सरूरपुर थाना क्षेत्र में घटना के बाद पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें टोल प्लाजा का सिक्योरिटी इंचार्ज बिट्टू और कर्मचारी अमित शामिल हैं। पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और शेष आरोपियों की तलाश के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। मेरठ के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।

ग्रामीणों का आक्रोश और तोड़फोड़

घटना की जानकारी मिलते ही गोटका गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को भूनी टोल प्लाजा पर धावा बोल दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने टोल बूथ पर तोड़फोड़ की, बूम तोड़े, और कैमरे क्षतिग्रस्त कर दिए। सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम भी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने भारी फोर्स तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया और ग्रामीणों को शांत कराया।

सोशल मीडिया पर भी इस घटना ने तूल पकड़ा। एक यूजर ने लिखा, “इस बार सही फंसे टोल प्लाजा वाले।” कई लोगों ने टोल कर्मचारियों की गुंडागर्दी और पुलिस की कथित निष्क्रियता की निंदा की, जबकि कुछ ने सेना के जवान के समर्थन में कड़ी कार्रवाई की मांग की।

सेना का रुख

भारतीय सेना ने इस घटना की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सेना के सूर्य कमांड ने बयान जारी कर कहा, “17 अगस्त 2025 को मेरठ के भूनी टोल प्लाजा पर एक सैनिक के साथ मारपीट की घटना अस्वीकार्य है। हमने उत्तर प्रदेश पुलिस के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया है ताकि दोषियों को सजा मिले।”

जवान की स्थिति

मारपीट में घायल कपिल सिंह और उनके भाई शिवम को गंभीर चोटें आईं, और उनका इलाज सरूरपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में चल रहा है। उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।

सामाजिक और प्रशासनिक सवाल

इस घटना ने टोल प्लाजा पर कर्मचारियों की कार्यशैली और सैनिकों के प्रति सम्मान की कमी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा कि अगर यही जवान सीमा पर दुश्मनों से लड़ते हुए घायल होता, तो देश उसे सलाम करता, लेकिन अपने ही घर में उसे अपमान और हिंसा का सामना करना पड़ा। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा है, बल्कि समाज में सैनिकों के सम्मान और टोल प्रबंधन की जवाबदेही पर भी सवाल उठाती है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow