भदोही: पूर्व सपा प्रत्याशी अंजनी सरोज पर FIR, सरकारी स्कूल के बच्चों से प्रचार कराने का आरोप
Daily News Mirror| Bhadohi
भदोही, 1 अगस्त 2025: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व प्रत्याशी अंजनी सरोज के खिलाफ चौरी थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर सरकारी स्कूल के बच्चों से सपा का प्रचार कराने और पीडीए पाठशाला के नाम पर अनधिकृत आयोजन करने का आरोप है। यह आयोजन सिकंदरा के विलय प्राथमिक विद्यालय में किया गया था, जिसे लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, अंजनी सरोज, जो 2022 के विधानसभा चुनाव में औराई से सपा प्रत्याशी रह चुके हैं, पर आरोप है कि उन्होंने सिकंदरा के एक विलय प्राथमिक विद्यालय में पीडीए पाठशाला का आयोजन किया। इस दौरान सरकारी स्कूल के बच्चों को समाजवादी पार्टी के प्रचार में शामिल किया गया। सपा द्वारा शुरू की गई पीडीए पाठशाला का उद्देश्य उन स्कूलों में शिक्षा को बढ़ावा देना बताया गया है, जहां उत्तर प्रदेश सरकार ने 50 से कम छात्रों वाले स्कूलों को मर्ज करने का फैसला लिया है। हालांकि, इस आयोजन को लेकर स्थानीय प्रशासन ने इसे नियमों का उल्लंघन माना है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई
जिलाधिकारी के निर्देश पर चौरी थाने में अंजनी सरोज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में कहा गया है कि सरकारी स्कूल के परिसर का उपयोग राजनीतिक प्रचार के लिए किया गया, जो कि नियमों के खिलाफ है। इसके अलावा, बच्चों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल करना भी गंभीर मामला माना गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही इस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सपा का पक्ष और पीडीए पाठशाला का मकसद
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में पीडीए पाठशाला अभियान की शुरुआत की थी, जिसके तहत उन गांवों में शिक्षा को बढ़ावा देने का दावा किया गया है, जहां स्कूल मर्जर की प्रक्रिया के कारण बंद हो रहे हैं। सपा का कहना है कि भाजपा सरकार की नीतियां शिक्षा के अधिकार को छीन रही हैं, और पीडीए पाठशाला इस दिशा में एक जनांदोलन है। अखिलेश यादव ने अपने बयानों में कहा है कि जहां-जहां भाजपा स्कूल बंद करेगी, वहां सपा पीडीए पाठशाला शुरू करेगी।
हालांकि, भदोही के इस मामले में सपा नेताओं ने अभी तक आधिकारिक रूप से कोई बयान जारी नहीं किया है। स्थानीय सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक द्वेष के तहत की गई है और इसका मकसद सपा के अभियान को बदनाम करना है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
सिकंदरा के स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्कूल मर्जर की प्रक्रिया से ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ रहा है। कुछ अभिभावकों ने पीडीए पाठशाला के प्रयासों का समर्थन किया, लेकिन सरकारी स्कूल के बच्चों को प्रचार में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कुछ लोगों ने इसे सपा की ओर से वोट बैंक मजबूत करने की रणनीति करार दिया।
प्रशासन की स्थिति
जिलाधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग और बच्चों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल करना गंभीर उल्लंघन है। इस मामले में जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, एफआईआर में अंजनी सरोज के साथ अन्य लोगों के नाम भी शामिल हो सकते हैं, जो इस आयोजन में शामिल थे।
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