भदोही: पूर्व ब्लॉक प्रमुख मनीष मिश्रा के खिलाफ विजिलेंस ने दर्ज की FIR, आय से अधिक संपत्ति का आरोप

May 30, 2025 - 16:30
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भदोही: पूर्व ब्लॉक प्रमुख मनीष मिश्रा के खिलाफ विजिलेंस ने दर्ज की FIR, आय से अधिक संपत्ति का आरोप
फाइल फोटो: मनीष चंद्र मिश्रा

भदोही, 30 मई 2025: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के डीघ ब्लॉक के पूर्व ब्लॉक प्रमुख मनीष चंद्र मिश्रा के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई तब की गई जब जांच में पाया गया कि मनीष चंद्र मिश्रा ने एक निश्चित अवधि में अपनी आय से 9.75 लाख रुपये अधिक खर्च किए, जो उनकी घोषित आय के अनुरूप नहीं थे। 

विजिलेंस विभाग के सूत्रों के अनुसार, मनीष चंद्र मिश्रा, जो डीघ ब्लॉक के तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख थे, पर लंबे समय से अनियमितताओं के आरोप लग रहे थे। विभाग को मिली शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की गई, जिसमें उनकी आय और खर्च के बीच भारी विसंगति पाई गई। जांच में यह खुलासा हुआ कि मनीष मिश्रा ने अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की, जिसका कोई वैध स्रोत स्पष्ट नहीं हो सका। इस मामले में विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है।

जांच का दायरा और आरोप

विजिलेंस की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि मनीष चंद्र मिश्रा ने अपने कार्यकाल के दौरान असामान्य रूप से बड़ी राशि खर्च की, जो उनकी आय के स्रोतों से मेल नहीं खाती। विभाग ने उनकी संपत्तियों, बैंक खातों, और अन्य वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की। सूत्रों के मुताबिक, मिश्रा के पास अचल संपत्ति और अन्य निवेशों का विवरण भी जांच के दायरे में है।

इसके अतिरिक्त, मनीष चंद्र मिश्रा का नाम पहले भी विवादों में रहा है। वह पूर्व विधायक विजय मिश्रा के रिश्तेदार हैं, जिनके खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। विजय मिश्रा को हाल ही में धमकी के एक मामले में दो साल की सजा सुनाई गई थी, और उनके भतीजे पर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका

भदोही पुलिस और विजिलेंस विभाग इस मामले में संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। भदोही पुलिस ने इस मामले में सहयोग करते हुए जांच को तेज करने के निर्देश दिए हैं। @bhadohipolice और @Uppolice के आधिकारिक हैंडल पर इस खबर की पुष्टि की गई है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके। 

मनीष मिश्रा का पक्ष

अभी तक मनीष चंद्र मिश्रा की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि वह इन आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दे सकते हैं। विजिलेंस विभाग ने मिश्रा को पूछताछ के लिए तलब किया है, और जल्द ही इस मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

स्थानीय प्रतिक्रिया

डीघ ब्लॉक और भदोही के स्थानीय निवासियों में इस खबर को लेकर चर्चा तेज है। कुछ लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हो सकता है। भदोही जिले में पहले भी कई राजनेताओं और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं, जिसके चलते इस मामले ने स्थानीय स्तर पर काफी ध्यान खींचा है।

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