इटावा में यादव कथावाचक के साथ मारपीट और अभद्रता, चोटी काटकर गांव से खदेड़ा
इटावा, सोमवार, 23 जून 2025: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के दादरपुर गांव में एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां यादव समाज के कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके सहयोगी संत कुमार यादव के साथ जातिगत आधार पर मारपीट, अभद्रता और अपमानजनक व्यवहार किया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
21 जून 2025 को मुकुट मणि यादव और उनके सहयोगी संत कुमार यादव गांव वालों के आग्रह पर दादरपुर गांव में भागवत कथा का आयोजन करने पहुंचे थे। कथावाचक के अनुसार, दो दिन तक कथा सुचारू रूप से चली, लेकिन 22 जून की रात को कथा समाप्त होने के बाद कुछ लोगों ने उनकी जाति पूछी। जब पता चला कि कथावाचक और उनका सहयोगी यादव समाज से हैं, तो भीड़ ने उनके साथ बर्बर व्यवहार शुरू कर दिया।
आरोप है कि भीड़ ने कथावाचक और उनके सहयोगी के साथ मारपीट की, उनके सिर के बाल और चोटी काट दी, और जबरन एक महिला के पैर छुआकर नाक रगड़वाने के लिए मजबूर किया। इतना ही नहीं, उनके धार्मिक वाद्य यंत्र जैसे हारमोनियम और ढोलक को तोड़ दिया गया, साथ ही 25,000 रुपये भी छीन लिए गए। वायरल वीडियो में यह भी देखा गया कि भीड़ ने कथावाचक को अपमानित करने के लिए एक महिला का पेशाब डालकर "शुद्धिकरण" करने का नाटक किया।
पीड़ितों का बयान
कथावाचक मुकुट मणि यादव ने बताया, "हमें गांव वालों ने ही कथा के लिए बुलाया था। हम पूरी श्रद्धा के साथ कथा कर रहे थे, लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि हम यादव हैं, उन्होंने हमारे साथ अमानवीय व्यवहार किया। हमारी चोटी काटी गई, पैसे छीने गए, और हमें अपमानित किया गया। हमें न्याय चाहिए।"
सहयोगी संत कुमार यादव ने कहा, "हमें सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि हम यादव समाज से हैं। ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने हमें फर्जी कथावाचक कहकर पीटा और हमारा हारमोनियम तोड़ दिया।"
पुलिस की कार्रवाई
इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना बकेवर में पीड़ितों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, और आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। एसएसपी ने कहा, "इस तरह की घटना अस्वीकार्य है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
सामाजिक प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर व्यापक आक्रोश देखा जा रहा है। कई लोगों ने इसे जातिगत भेदभाव का स्पष्ट उदाहरण बताया और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। कुछ यूजर्स ने लिखा कि यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करने वाली है, बल्कि सामाजिक एकता के लिए भी खतरा है। वहीं, कुछ पोस्ट्स में यह भी दावा किया गया कि यह घटना ब्राह्मण समुदाय द्वारा यादव समाज के खिलाफ जानबूझकर की गई, हालांकि पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
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