पीएम नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख
नई दिल्ली, 12 मई 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रात 8 बजे राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में देशवासियों को ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति पर स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया। यह संबोधन भारत-पाकिस्तान के बीच हाल के तनाव और 7 मई को शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनका पहला राष्ट्रीय संबोधन था। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति, सेना के पराक्रम और भविष्य की रणनीति पर जोर दिया।
प्रमुख बातें:
ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ नई नीति
पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति का प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब किसी भी आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा और आतंक की जड़ों को नष्ट करने के लिए हर संभव कार्रवाई करेगा। "सिंदूर मिटाने की कीमत वसूल की गई है," उन्होंने कहा, जो पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए था, जिसमें देश की बेटियों और माताओं के सम्मान को ठेस पहुंची थी।
सेना को पूर्ण स्वतंत्रता
पीएम ने भारतीय सशस्त्र बलों को आतंकवादियों को "मिट्टी में मिलाने" के लिए पूर्ण स्वतंत्रता देने की बात दोहराई। उन्होंने कहा, "हर आतंकी और आतंकी संगठन अब जान चुका है कि हमारी बेटियों और बहनों के सम्मान को ठेस पहुंचाने का परिणाम क्या होता है।" उन्होंने तीनों सेनाओं और वैज्ञानिकों को उनके साहस और सामर्थ्य के लिए सलाम किया।
पाकिस्तान को कड़ा संदेश
मोदी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत का रुख स्पष्ट है: "पानी और खून एक साथ नहीं बह सकता।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल आतंकवाद और पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) के मुद्दे पर होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर को केवल "स्थगित" किया गया है, बंद नहीं।
न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग अस्वीकार्य
पीएम ने पाकिस्तान की न्यूक्लियर धमकियों को खारिज करते हुए कहा कि भारत ऐसी ब्लैकमेलिंग को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने विश्व समुदाय को संदेश दिया कि भारत की नीति संयम और सामर्थ्य का संतुलन है, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में कोई समझौता नहीं होगा।
पहलगाम हमले का बदला
पीएम ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके जवाब में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया, जिसमें 100 आतंकवादी और पाकिस्तानी सेना के 40 जवान मारे गए। उन्होंने इसे हर बेटी और मां को समर्पित किया।
विश्व समुदाय को संदेश
मोदी ने वैश्विक समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की मिसाइलों को "तिनके की तरह बिखेर" दिया, जिससे दुनिया ने भारत की ताकत देखी। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने तनाव कम करने के लिए गुहार लगाई, जिसके बाद 10 मई को युद्धविराम पर सहमति बनी।
संबोधन का महत्व:
यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में न केवल देशवासियों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत के दृढ़ रुख को भी रेखांकित किया। उनके शब्दों में संयम और शक्ति का मिश्रण दिखा, जो भारत की कूटनीतिक और सैन्य ताकत को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है, बल्कि देश की एकता और सशस्त्र बलों के पराक्रम को भी रेखांकित करता है। ऑपरेशन सिंदूर को उन्होंने एक "न्यू नॉर्मल" करार दिया, जो भविष्य में भारत की सुरक्षा नीति का आधार बनेगा।
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