यूपी में योगी सरकार का अपराध और आतंक पर करारा प्रहार: 8 साल में 230 अपराधी ढेर, 142 स्लीपिंग मॉड्यूल ध्वस्त

May 13, 2025 - 07:08
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यूपी में योगी सरकार का अपराध और आतंक पर करारा प्रहार: 8 साल में 230 अपराधी ढेर, 142 स्लीपिंग मॉड्यूल ध्वस्त
फोटो: सीएम योगी आदित्यनाथ, यूपी
लखनऊ, 13 मई 2025: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले आठ वर्षों में अपराध और आतंकवाद के खिलाफ अभूतपूर्व कार्रवाई की है। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति ने न केवल संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क को ध्वस्त किया, बल्कि आतंकी संगठनों के स्लीपिंग मॉड्यूल्स को भी जड़ से उखाड़ फेंका है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन आठ सालों में यूपी पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 230 दुर्दांत अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर किया, जबकि आतंकी संगठनों के 142 स्लीपिंग मॉड्यूल्स को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही एक आतंकी को मुठभेड़ में मार गिराया गया। यह 'योगी मॉडल' अब देशभर में कानून-व्यवस्था के लिए एक उदाहरण बन चुका है।
अपराधियों पर सख्त कार्रवाई: 230 अपराधी ढेर, 20,221 इनामी बदमाश गिरफ्तार
योगी सरकार ने 2017 में सत्ता संभालते ही अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। इस दौरान यूपी पुलिस ने 10,900 से अधिक मुठभेड़ों में 230 कुख्यात अपराधियों को मार गिराया, जिनमें हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों के आरोपी शामिल थे। इसके अलावा, 8,118 अपराधी घायल हुए और 20,221 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि 79,984 अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, जबकि 930 के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत सख्त कदम उठाए गए।
उल्लेखनीय मुठभेड़ों में गैंगस्टर अतीक अहमद के बेटे असद अहमद और उसके साथी गुलाम का 2023 में झांसी में एनकाउंटर, विकास दुबे और उसके गिरोह के छह सदस्यों का 2020 में कानपुर में एनकाउंटर, और 2021 में डकैत गौरी यादव का एनकाउंटर शामिल हैं। इन कार्रवाइयों ने अपराधियों में खौफ पैदा किया, जिसके परिणामस्वरूप कई बड़े माफिया या तो आत्मसमर्पण कर चुके हैं या प्रदेश छोड़कर भाग गए हैं।
आतंकवाद पर सर्जिकल स्ट्राइक: 142 स्लीपिंग मॉड्यूल्स ध्वस्त
योगी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने पिछले आठ वर्षों में आतंकी संगठनों के 142 स्लीपिंग मॉड्यूल्स को गिरफ्तार किया, जिनमें से 131 आतंकियों को पनाह देने और गोपनीय सूचनाएं लीक करने में शामिल थे। इसके अलावा, टेरर फंडिंग से जुड़े 11 मॉड्यूल्स को भी पकड़ा गया। एक आतंकी को मुठभेड़ में ढेर किया गया। एटीएस ने 130 संदिग्ध आतंकवादियों और 171 रोहिंग्या/बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया, जो अवैध रूप से प्रदेश में रह रहे थे।
'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई को और तेज किया गया। अयोध्या में राम मंदिर को लेकर धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए गए। एटीएस ने अवैध मतांतरण और साइबर अपराधों से जुड़े 20 से अधिक सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिनमें चार चीनी नागरिक भी शामिल हैं।
भू-माफिया और संपत्ति जब्ती: 142 अरब की संपत्ति पर बुलडोजर
योगी सरकार ने भू-माफिया के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की। चार स्तरीय एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स ने 66,000 हेक्टेयर से अधिक जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। 142 भू-माफियाओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। अपराधियों और माफियाओं की 142 अरब रुपये से अधिक की संपत्ति को जब्त किया गया, जिसमें मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे कुख्यात माफियाओं के नेटवर्क शामिल हैं।
ऑपरेशन कन्विक्शन: अपराधियों को सजा का रिकॉर्ड
जुलाई 2023 से दिसंबर 2024 तक 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत यूपी पुलिस ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की। इस दौरान 51 अपराधियों को मृत्युदंड, 6,287 को आजीवन कारावास, 1,091 को 20 वर्ष से अधिक की सजा, और 3,868 को 10 से 19 वर्ष की सजा दिलाई गई। इसके अलावा, 5,788 अपराधियों को पांच वर्ष से कम की सजा हुई। टॉप 10 कैटेगरी के 496 दुर्दांत अपराधियों को भी सजा सुनिश्चित की गई।
मिशन शक्ति और अन्य अभियान: महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा
योगी सरकार ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए 'मिशन शक्ति' के तहत कई अभियान चलाए। 'ऑपरेशन गरुड़' ने साइबर अपराधों पर लगाम लगाई, जबकि 'ऑपरेशन मजनू' ने छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। 'ऑपरेशन रक्षा' ने मानव तस्करी के खिलाफ 56 महिलाओं और बालिकाओं को बचाया, और 'ऑपरेशन बचपन' ने बाल श्रम और भिक्षावृत्ति पर अंकुश लगाया। इन अभियानों ने समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
विपक्ष का आरोप, सरकार का जवाब
विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी, ने योगी सरकार के एनकाउंटरों को 'फर्जी' और 'सामुदायिक आधार पर पक्षपातपूर्ण' करार दिया है। सपा नेता अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने कई मुठभेड़ों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। जवाब में, योगी सरकार ने आंकड़े जारी कर बताया कि 2017 से 2023 तक ढेर किए गए 183 अपराधियों में 126 हिंदू और 57 मुस्लिम थे, जिससे पक्षपात के आरोपों को खारिज किया गया। बीजेपी ने विपक्ष पर अपराधियों को जाति और धर्म के आधार पर बचाने का आरोप लगाया।
योगी मॉडल: देश के लिए प्रेरणा
योगी सरकार की अपराध और आतंकवाद के खिलाफ यह लड़ाई न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल बन गई है। डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा, "सीएम योगी की मंशा के अनुरूप यूपी पुलिस ने प्रदेश को भयमुक्त बनाने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।" पिछले आठ वर्षों में अपराध में 85% की कमी आई है, और कानून-व्यवस्था में सुधार ने उत्तर प्रदेश को निवेश और विकास के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाया है।

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