म्यांमार भूकंप त्रासदी में मृतकों की संख्या 1,000 के पार, राहत कार्य जारी

भारत ने तत्काल आपदा राहत पैकेज भेज दिखाई दरियादिली

Mar 29, 2025 - 15:10
 0
म्यांमार भूकंप त्रासदी में मृतकों की संख्या 1,000 के पार, राहत कार्य जारी
फोटो: भूकंप के बाद सड़कों में पड़ी दरार
Daily News Mirror
Bangkok| 29 March 2025| Navneet Kumar
म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। म्यांमार के सैन्य नेतृत्व के अनुसार, इस आपदा में अब तक 1,002 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,376 लोग घायल हुए हैं और 30 लोग लापता बताए जा रहे हैं। भूकंप का केंद्र मांडले शहर के पास सागाइंग क्षेत्र में था, जो म्यांमार का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल म्यांमार, बल्कि पड़ोसी देश थाईलैंड में भी व्यापक नुकसान पहुंचाया है।
मांडले में सबसे अधिक तबाही
म्यांमार के सैन्य नेतृत्व ने शनिवार को नवीनतम आंकड़े जारी करते हुए बताया कि मांडले में ही 694 लोगों की मौत हुई है, जो भूकंप के केंद्र के सबसे नजदीक है। इसके अलावा, राजधानी नाय प्यी ताव में 94, क्यौक से में 30 और सागाइंग में 18 लोगों की जान गई। मांडले में बिजली और संचार लाइनें ठप हो गई हैं, जिससे बचाव कार्यों में मुश्किलें बढ़ रही हैं। शहर के कई हिस्सों में इमारतें ढह गईं, सड़कें टूट गईं और एक पुराना पुल भी नष्ट हो गया। बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं। एक बचावकर्मी ने बताया, "हम अपने हाथों से लोगों को निकाल रहे हैं, लेकिन भारी मशीनों की कमी के कारण काम धीमा पड़ रहा है।"
थाईलैंड में बैंकॉक की ऊंची इमारत ढही
भूकंप के झटके थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक तक महसूस किए गए, जहां एक 33 मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई। इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 101 मजदूर लापता हैं। बैंकॉक के चतुचक मार्केट के पास हुए इस हादसे में 15 लोगों के जिंदा होने के संकेत मिले हैं, जो मलबे के 5 से 10 मीटर नीचे फंसे हैं। थाई अधिकारियों ने बताया कि इमारत "पैनकेक की तरह" ढह गई, जिसके कारण भारी मशीनों का इस्तेमाल अभी संभव नहीं हो पा रहा है। थाईलैंड की प्रधानमंत्री पेतोंगतार्न शिनावात्रा ने बैंकॉक में आपातकाल घोषित कर दिया है और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील
म्यांमार के सैन्य नेता मिन आंग ह्लाइंग ने इस आपदा के बाद अंतरराष्ट्रीय सहायता की दुर्लभ अपील की है। उन्होंने कहा, "हम किसी भी देश और संगठन से मदद स्वीकार करने को तैयार हैं।" इसके जवाब में भारत, चीन और आसियान देशों ने तत्काल सहायता भेजने की घोषणा की है। भारत ने 'ऑपरेशन ब्रह्मा' के तहत 15 टन राहत सामग्री, जिसमें टेंट, कंबल, दवाइयां और खाद्य सामग्री शामिल हैं, म्यांमार के लिए रवाना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। चीन ने भी 13.8 मिलियन डॉलर की सहायता और बचाव टीमें भेजी हैं, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने 5 मिलियन डॉलर की राहत राशि आवंटित की है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow