मिर्जापुर: बेकाबू ट्रक ने 50 भेड़ों को रौंदा, चालक फरार, जिले में हड़कंप
चुनार कोतवाली क्षेत्र के सुंदरपुर तिराहे के पास घटी घटना
Daily News Mirror
Mirzapur| 29 March 2025| Ashish Tiwari
मिर्जापुर जिले में आज सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। नेशनल हाईवे पर शुक्रवार देर रात एक बेकाबू ट्रक ने 53 भेड़ों के झुंड को रौंद दिया, जिसमें 50 भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने न केवल स्थानीय चरवाहों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। ट्रक चालक हादसे के बाद वाहन समेत फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है।
हादसे का विवरण : यह घटना देर रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है, जब एक चरवाहा अपनी भेड़ों को लेकर हाईवे के किनारे से गुजर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर भेड़ों के झुंड पर चढ़ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सड़क पर भेड़ों के शव बिखर गए। हादसे में तीन भेड़ें गंभीर रूप से घायल हुईं, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से पशु चिकित्सालय पहुंचाया गया। लेकिन मरने वाली 50 भेड़ों को बचाया न जा सका।
चरवाहे की आपबीती : हादसे का शिकार हुए चरवाहे ने बताया, "मैं अपनी भेड़ों को लेकर हाईवे के किनारे से जा रहा था। अचानक ट्रक तेजी से आया और सब कुछ तबाह कर गया। मेरी भेड़ें मेरे परिवार का सहारा थीं, अब सब खत्म हो गया।" चरवाहे के मुताबिक, एक भेड़ की कीमत करीब 20 हजार रुपये थी, जिसके हिसाब से उसे लगभग 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उसने प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है।
पुलिस की कार्रवाई : घटना की सूचना मिलते ही मिर्जापुर पुलिस मौके पर पहुंची और सड़क पर बिखरे भेड़ों के शवों को किनारे करने में जुट गई। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "हम ट्रक के नंबर और चालक की पहचान के लिए आसपास के टोल नाकों से संपर्क कर रहे हैं। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।" मृत भेड़ों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की भी तैयारी की जा रही है।
लोगों में आक्रोश : इस हादसे ने स्थानीय लोगों और चरवाहों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से वायरल हो रही है, जहां लोग चालक की लापरवाही और हाईवे पर सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों ने जिला प्रशासन से प्रभावित चरवाहे को आर्थिक मदद देने की मांग की है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल : यह हादसा मिर्जापुर में सड़क सुरक्षा की खामियों को फिर से उजागर करता है। हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों और पैदल चलने वालों के बीच समन्वय की कमी अक्सर ऐसी घटनाओं को जन्म देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर स्पीड ब्रेकर और बेहतर प्रकाश व्यवस्था इस तरह के हादसों को रोकने में मदद कर सकती है।
आगे क्या? : फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और चालक की तलाश में टीमें लगी हुई हैं। जिला प्रशासन ने अभी तक मुआवजे को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन चरवाहों और स्थानीय लोगों का दबाव बढ़ता जा रहा है। यह घटना आज मिर्जापुर की सबसे बड़ी खबर बनकर उभरी है, जिसने पूरे जिले का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
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