मध्य प्रदेश के मंदसौर में भीषण हादसा: कुएं में कार गिरने से 10 लोगों की मौत
लोगों को बचाने कुएं में कूदे एक स्थानीय व्यक्ति ने भी गंवाईं जान
मंदसौर, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में रविवार, 27 अप्रैल 2025 को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें एक तेज रफ्तार कार कुएं में गिरने से 10 लोगों की जान चली गई। यह दुखद घटना नारायणगढ़ थाना क्षेत्र के कचरिया गांव में बूढ़ा-टकरावत फंटे के पास दोपहर करीब 1:15 बजे हुई। हादसे में कार सवार आठ लोग, एक बाइक सवार और एक बहादुर ग्रामीण, जो बचाव के लिए कुएं में कूदा था, शामिल हैं।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, उज्जैन जिले के उन्हेल से नीमच जिले के आंतरी माता मंदिर दर्शन के लिए जा रही एक ईको वैन में 13 लोग सवार थे। कार तेज रफ्तार में थी और बूढ़ा-टकरावत क्रॉसिंग पर एक अचानक आए मोड़ के कारण ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया। वैन ने पहले आबाखेड़ी निवासी गोबर सिंह नामक बाइक सवार को टक्कर मारी और फिर बिना मुंडेर वाले गहरे कुएं में जा गिरी।
कुएं में गिरने के बाद वैन से एलपीजी गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे कार में फंसे लोगों का दम घुटने लगा। गैस रिसाव के कारण बचाव कार्य में भी भारी मुश्किलें आईं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे, लेकिन गहरे कुएं और जहरीली गैस ने राहत कार्य को जटिल बना दिया।
बचाव कार्य और एक ग्रामीण की बहादुरी
हादसे के तुरंत बाद, मंदसौर के संजीत गांव के 40 वर्षीय मनोहर सिंह नामक एक स्थानीय युवक ने कार सवारों को बचाने के लिए कुएं में छलांग लगा दी। मनोहर ने एक महिला, एक छोटी बच्ची और एक किशोर को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन जहरीली गैस के कारण उनका दम घुट गया और उनकी मृत्यु हो गई। उनकी बहादुरी की पूरे गांव में चर्चा है, लेकिन उनकी मौत से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस, प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। क्रेन और ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद से बचाव कार्य शुरू किया गया। तीन लोगों—एक महिला, एक तीन साल की बच्ची और एक किशोर—को जिंदा निकालकर मंदसौर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
नेताओं का दौरा और मुआवजे की घोषणा
घटना की सूचना मिलते ही उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, कलेक्टर अदिति गर्ग, एसपी अभिषेक आनंद और डीआईजी मनोज कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य की निगरानी की। उपमुख्यमंत्री ने इसे अत्यंत दुखद घटना बताया और प्रशासनिक जांच के आदेश दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया और प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी शोक व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन को घायलों के इलाज के लिए हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए।
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