जेल की दीवारों में खूनी रोमांस: टिंडर किलर प्रिया सेठ और फैमिली हत्यारा हनुमान प्रसाद ने पैरोल पर रचाई शादी, देशभर में आक्रोश
Daily News Mirror| Viral News
जयपुर, 25 जनवरी 2026: राजस्थान की जेलों में एक ऐसी लव स्टोरी ने जन्म लिया है, जो फिल्मी स्क्रिप्ट से भी ज्यादा सनसनीखेज लगती है। दो कुख्यात हत्यारे, जिन्होंने अलग-अलग हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में उम्रकैद की सजा काटी है, अब आपस में शादी के बंधन में बंध गए हैं। प्रिया सेठ, जिसे 'टिंडर किलर' के नाम से जाना जाता है, और हनुमान प्रसाद, जिसने अपनी गर्लफ्रेंड के परिवार के पांच सदस्यों की बेरहमी से हत्या की थी, ने 23 जनवरी 2026 को अलवर के एक होटल में गुपचुप तरीके से शादी रचा ली।
दोनों को राजस्थान हाईकोर्ट से 15 दिनों की इमरजेंसी पैरोल मिली थी, ताकि वे इस 'खूनी रोमांस' को शादी का नाम दे सकें। लेकिन इस शादी ने पूरे देश में बहस छेड़ दी है - क्या जेल सुधार का मतलब अपराधियों को 'नॉर्मल लाइफ' जीने की आजादी देना है?
प्रिया सेठ की खौफनाक कहानी: डेटिंग ऐप से शुरू हुआ मौत का खेल
प्रिया सेठ उर्फ नेहा सेठ, 34 साल की एक मॉडल, 2 मई 2018 को जयपुर में एक सनसनीखेज हत्याकांड की आरोपी बनीं। उसने टिंडर ऐप पर 28 साल के बिजनेसमैन दुष्यंत शर्मा से दोस्ती की। दुष्यंत को अपने फ्लैट पर बुलाया, जहां प्रिया और उसके दो साथियों ने उसे बंधक बना लिया। परिवार से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। परिवार ने 3 लाख रुपये दिए, लेकिन प्रिया ने दुष्यंत का गला घोंट दिया, चाकू से वार किया और शरीर के टुकड़े करके सूटकेस में ठूंस दिया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि प्रिया ने दुष्यंत के डेबिट कार्ड से 20 हजार रुपये भी निकाले थे। कोर्ट ने प्रिया को उम्रकैद की सजा सुनाई, और वह जयपुर की सांगानेर ओपन जेल में बंद थी। यह जेल राजस्थान प्रिजनर्स ओपन एयर कैंप रूल्स 1972 के तहत चलती है, जहां कैदियों को दिन में बाहर काम करने की इजाजत मिलती है, शाम को वापस लौटना पड़ता है।
हनुमान प्रसाद का खूनी अफेयर: प्यार में पांच जानें लीं
हनुमान प्रसाद, 29 साल का यह कैदी, अलवर में 2 अक्टूबर 2017 को हुए एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। उसका अफेयर ताइक्वांडो प्लेयर संतोष से चल रहा था, जो उससे 10 साल बड़ी थी। संतोष ने हनुमान को अपने घर बुलाया और पति बनवारी लाल की हत्या करवाई। लेकिन घर में सो रहे संतोष के तीन बच्चे और एक भतीजा जाग गए। पकड़े जाने के डर से संतोष ने हनुमान से सबकी हत्या करने को कहा। हनुमान ने अपने साथी के साथ मिलकर चाकू से सभी पांचों की जान ले ली। इस घटना ने पूरे अलवर को हिलाकर रख दिया। हनुमान को भी उम्रकैद हुई, और वह सांगानेर ओपन जेल में ही बंद था।
जेल में शुरू हुई लव स्टोरी: पूर्व प्रेमियों को छोड़कर बंधे बंधन में
दोनों कैदी सांगानेर ओपन जेल में छह महीने पहले मिले। जेल की सुधार प्रक्रिया के तहत वे साथ रहते थे, जहां दिनभर बाहर काम करने की आजादी मिलती है। इसी दौरान उनका प्यार परवान चढ़ा। दोनों ने अपने पूर्व प्रेमियों को छोड़कर शादी करने का फैसला लिया। पैरोल के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। वकील विश्राम प्रजापति ने बताया कि कोर्ट ने 15 दिनों की इमरजेंसी पैरोल मंजूर की। 23 जनवरी को अलवर के बारोदामेव में एक होटल में गुप्त समारोह में शादी हुई। एएनआई की रिपोर्ट्स में जेल और हनुमान के घर से वीडियो भी सामने आए हैं, जहां तैयारी दिख रही है।
देशभर में आक्रोश: क्या यह न्याय है?
इस शादी की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया। लोग सवाल उठा रहे हैं - अगर अपराधी जेल में 'नॉर्मल लाइफ' जी सकते हैं, तो पीड़ितों का न्याय कहां है? फॉर मेन इंडिया जैसे संगठनों ने इसे न्याय व्यवस्था पर सवाल बताया। टीवी9 राजस्थान और डीएनए जैसे चैनलों ने इस पर स्पेशल रिपोर्ट्स चलाईं। कुछ का कहना है कि यह जेल सुधार का सकारात्मक उदाहरण है, जबकि अन्य इसे अपराधियों की 'छुट्टी' मान रहे हैं।
यह घटना जेल व्यवस्था पर नए सवाल खड़े करती है। क्या प्यार अपराध की सजा मिटा सकता है? फिलहाल, दोनों पैरोल पर बाहर हैं, लेकिन जल्द ही जेल लौटेंगे। इस 'किलर रोमांस' की कहानी अभी और मोड़ ले सकती है।
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