श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ: आस्था की लहर में डूबा उमापुर गांव
Daily News Mirror| Bhadohi News| Praveen
अयोध्या/उमापुर, 22 जनवरी 2026: आज पूरे देश में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ का पावन अवसर धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह वह ऐतिहासिक क्षण है जब 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, जिसने करोड़ों भक्तों की सदियों पुरानी आकांक्षा को साकार किया। इस वर्षगांठ पर अयोध्या के राम मंदिर परिसर में विशेष अनुष्ठान और पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर राष्ट्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह हमारी आस्था और परंपराओं का दिव्य पर्व है।
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा न केवल एक धार्मिक घटना थी, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक एकता और आस्था की जीत का प्रतीक बन चुकी है। इस अवसर पर देशभर में लाखों मंदिरों में विशेष पूजा, आरती और शोभायात्राएं निकाली जा रही हैं। गुजरात सरकार ने इस पावन दिवस पर राज्य के सभी शहरों और कस्बों में स्लॉटरहाउस बंद रखने का आदेश दिया है, ताकि उत्सव की पवित्रता बनी रहे। इसी तरह, ब्रिटेन के डर्बी हिंदू मंदिर में भी इस वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
सोशल मीडिया पर 'जय श्री राम' के जयकारे गूंज रहे हैं, और विभिन्न संगठनों द्वारा स्वर्णिम स्मृति चिन्ह जारी किए गए हैं, जैसे कि एमएमटीसी-पैम्प द्वारा राम लला की शुद्ध सोने की प्रतिमा।
इस राष्ट्रीय उत्सव की लहर ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंची है। उत्तर प्रदेश के ग्राम सभा उमापुर में स्थानीय निवासियों ने इस पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली। यह उमापुर के लोगों द्वारा लगातार तीसरी शोभायात्रा थी, जो राम भक्ति की निरंतरता को दर्शाती है। शोभायात्रा का संचालन अनिल उपाध्याय ने किया, जबकि इसे सफल बनाने में गौरव मिश्रा, सभापति, तरुण, रोशन, गौरव, राहुल यादव, देवेंद्र उपाध्याय और इंद्रेश उपाध्याय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह भव्य यात्रा उमापुर (पूर्व में सहसेपुर) के ब्रह्म बाबा मंदिर से शुरू हुई, जो गोरी डीह, नेवढ़िया होते हुए खमरिया तक पहुंची। यात्रा में सैकड़ों भक्तों ने हिस्सा लिया, राम भजन गाते हुए और जयकारे लगाते हुए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह शोभायात्रा न केवल धार्मिक उत्साह बढ़ाती है, बल्कि गांव की एकता को भी मजबूत करती है।राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ हर वर्ष को एक नए उत्साह से भर देती है। हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार, इस वर्ष मुख्य उत्सव 31 दिसंबर 2025 को पौष शुक्ल द्वादशी पर मनाया गया, लेकिन ग्रेगोरियन कैलेंडर में 22 जनवरी को भी देशभर में जश्न जारी है।
यह अवसर हमें याद दिलाता है कि राम का जीवन न्याय, कर्तव्य और बलिदान का प्रतीक है, जो आज भी प्रासंगिक है।
What's Your Reaction?