मिर्ज़ापुर जिम धर्मांतरण रैकेट: पुलिस कांस्टेबल इरशाद निकला मास्टरमाइंड, 50 लड़कियां थीं निशाने पर; दो फरार आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम
Daily News Mirror| Mirzapur News| Nitesh Bindra
मिर्ज़ापुर, 24 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में जिमों को धर्मांतरण के अड्डे के रूप में इस्तेमाल करने वाले रैकेट का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। ताजा अपडेट में पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड के रूप में एक पुलिस कांस्टेबल इरशाद खान को गिरफ्तार किया है, जो अपनी काली कमाई से जिम की चेन बनाकर इस रैकेट को फंड कर रहा था। जांच में पता चला है कि गिरोह ने 50 से अधिक हिंदू लड़कियों को निशाना बनाया था, जिसमें एक लड़की सन्नो की भूमिका अहम थी, जो लड़कियों का भरोसा जीतकर उन्हें फंसाती थी। वहीं, जिम का मालिक लकी अली और एक अन्य मास्टरमाइंड इमरान खान अभी फरार हैं, जिन पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर लुकआउट नोटिस जारी किया है।
मामले की शुरुआत और पिछले घटनाक्रम
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब जनवरी 2026 की शुरुआत में दो महिलाओं ने कोतवाली देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई कि जिम ट्रेनर्स ने उनके साथ दोस्ती की, इंटिमेट वीडियो बनाए और ब्लैकमेल करके धर्मांतरण के लिए दबाव डाला।
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि मिर्ज़ापुर में कई जिम, जैसे KGN जिम और आयरन फायर जिम, इस रैकेट के हब के रूप में काम कर रहे थे। शुरुआती गिरफ्तारियों में मोहम्मद शेख अली आलम, फैसल खान, जहीर और शादाब को पकड़ा गया, जिनके मोबाइल से आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बरामद हुए। 23 जनवरी को मुख्य आरोपी फरीद अहमद को खदंजाफॉल इलाके में पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया, जहां वह घायल हो गया।
जांच में पता चला कि गिरोह इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करता था - पहले फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर बातचीत शुरू की जाती, फिर जिम में ट्रेनिंग के बहाने नजदीकी बढ़ाई जाती। अगर एक जिम में सफलता न मिले, तो लड़की को दूसरे जुड़े जिम में शिफ्ट कर दिया जाता। पुलिस ने पांच जिमों को सील कर दिया और महंगे उपकरण जब्त किए, जो एक्सटॉर्शन से कमाए पैसे से खरीदे गए थे।
रैकेट का तरीका और शामिल लोगों की भूमिका
गिरोह की रणनीति बेहद सुनियोजित थी। सन्नो नाम की लड़की लड़कियों से दोस्ती करती, उनका विश्वास जीतती और फिर उन्हें गिरोह के पुरुष सदस्यों से मिलाती। ट्रेनर्स जैसे इमरान खान सिक्स-पैक एब्स वाली तस्वीरें दिखाकर इम्प्रेस करते, रिश्ता बनाते और गुप्त रूप से वीडियो रिकॉर्ड करते। फिर ब्लैकमेल कर धर्मांतरण के लिए मजबूर किया जाता। जांच में एक आरोपी के मोबाइल से सैकड़ों डिजिटल फाइलें मिलीं, जिनमें फोटो, वीडियो और चैट रिकॉर्ड थे।
इरशाद खान, जो GRP में हेड कांस्टेबल था, इस रैकेट का बड़ा मास्टरमाइंड निकला। वह ड्यूटी के बाद जिम संभालता, पीड़ितों से बड़ी रकम वसूलता और अपनी पुलिस पोजिशन का फायदा उठाकर गिरोह को सुरक्षा का आश्वासन देता। उसने एक्सटॉर्शन से कमाए पैसे से जिम की चेन बनाने की योजना बनाई थी, जो रैकेट को फंड करती। कुल मिलाकर, गिरोह ने 50 से ज्यादा युवतियों को टारगेट किया, मुख्य रूप से हिंदू समुदाय से।
ताजा अपडेट और आगे की कार्रवाई
ताजा जांच में इरशाद को छठे आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया, जिससे रैकेट की गहराई का पता चला। हालांकि, जिम मालिक लकी अली, जो ऑपरेशंस को कोऑर्डिनेट करता था, और इमरान खान फरार हैं। पुलिस ने इन पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया है और लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है।
जिला मजिस्ट्रेट ने अन्य जिमों पर नजर रखने और शांति भंग रोकने के निर्देश दिए हैं। जांच जारी है, जिसमें अन्य सदस्यों और लिंक्स की तलाश की जा रही है।यह मामला उत्तर प्रदेश में ऐसे रैकेट्स पर सख्ती की मिसाल बन रहा है, जहां फिटनेस सेंटर्स को अपराध का माध्यम बनाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
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