कन्नौज जेल से दो कैदियों की फिल्मी अंदाज में फरारी: कंबलों की रस्सी से फांदी 22 फीट दीवार, न्यू ईयर पार्टी में मस्त था प्रशासन

Jan 6, 2026 - 10:16
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कन्नौज जेल से दो कैदियों की फिल्मी अंदाज में फरारी: कंबलों की रस्सी से फांदी 22 फीट दीवार, न्यू ईयर पार्टी में मस्त था प्रशासन
फोटो: कंबल काटकर रस्सी बनाया और फांद गए दीवार

Daily News Mirror| Kannauj News

कन्नौज, 06 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिला जेल में सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक सामने आई है, जहां दो विचाराधीन कैदियों ने कंबलों से रस्सी बनाकर जेल की 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गए। यह घटना तब हुई जब जेल प्रशासन और कर्मचारी नए साल की पार्टी में व्यस्त थे, जिससे निगरानी में लापरवाही बरती गई।

कैदियों की पहचान और पृष्ठभूमि

फरार कैदियों की पहचान अंकित (पुत्र प्रेम चंद्र, तालग्राम थाना क्षेत्र का निवासी) और डिम्पी उर्फ शिवा (ठठिया थाना क्षेत्र, मलगवां का निवासी) के रूप में हुई है। अंकित को जून 2025 में चोरी और अवैध असलहे (3/25 आर्म्स एक्ट) के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि शिवा दिसंबर 2025 से पॉक्सो एक्ट के तहत नाबालिग से रेप के मामले में बंद था। दोनों एक ही बैरक में रखे गए थे और माना जा रहा है कि उन्होंने कई दिनों से भागने की योजना बनाई थी।

कैसे हुई फरारी?

कैदियों ने ठंड से बचाव के लिए दिए गए कंबलों को काट-काटकर टुकड़ों में बांटा और उन्हें जोड़कर एक मजबूत रस्सी तैयार की। इस रस्सी की मदद से उन्होंने जेल की पूर्वी दीवार, जो करीब 22 फीट ऊंची है, को फांदा और बाहर खेतों की ओर भाग निकले। जांच में दीवार के पास रस्सी के अवशेष और चढ़ाई के निशान मिले हैं। आशंका है कि बाहर से किसी की मदद भी हो सकती है, क्योंकि दीवार पर रस्सी लटकाने में सहायता की जरूरत पड़ती। घटना रविवार रात की बताई जा रही है, जब जेल में कैदियों को बैरक में बंद कर दिया गया था, लेकिन उनकी गिनती नहीं की गई।

न्यू ईयर पार्टी और लापरवाही

जेल में रविवार रात नए साल की पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसमें जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद, कर्मचारी और उनके परिवार वाले शामिल थे। पार्टी में डीजे, नाच-गाना और जश्न का माहौल था। जेल अधीक्षक ने खुद गाने गाए और वीडियो वॉट्सएप स्टेटस पर डाले, जबकि कर्मचारी डांस कर रहे थे। इस दौरान वॉच टावरों पर कोई गार्ड नहीं था और सीसीटीवी की निगरानी में भी चूक हुई। सोमवार सुबह 11 बजे कैदियों की गिनती में कमी पाई गई, तब जाकर घटना का पता चला। जेल प्रशासन ने पहले इसे छिपाने की कोशिश की और पार्टी के सबूत मिटाने का प्रयास किया, लेकिन वीडियो सामने आने से सच्चाई उजागर हो गई।

प्रशासन की कार्रवाई और निलंबन

घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी (डीएम) आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद कुमार जेल पहुंचे। उन्होंने परिसर का निरीक्षण किया, सुरक्षा व्यवस्था की जांच की और जेल अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। डीएम ने लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से चार से पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया, जिसमें जेलर विनय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद, हेड जेल वार्डर शिवचरण और बैरक प्रभारी शिवेंद्र सिंह यादव शामिल हैं। जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं।

जांच और तलाश अभियान

कानपुर रेंज के डीआईजी जेल को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो पार्टी की तारीख, निगरानी की चूक और भागने की परिस्थितियों की पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं, जो फरार कैदियों की तलाश में जुटी हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर चेकिंग तेज कर दी गई है। आसपास के जिलों को अलर्ट किया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजी है और कहा है कि कैदियों को जल्द पकड़ा जाएगा।

यह घटना जेल सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है और प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही कैदियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

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