बीजेपी में अनुशासन पर सवाल! सोनपुर से प्रत्याशी की घोषणा से पहले बंटीं मिठाइयां, पार्टी में मचा घमासान

Oct 14, 2025 - 22:01
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बीजेपी में अनुशासन पर सवाल! सोनपुर से प्रत्याशी की घोषणा से पहले बंटीं मिठाइयां, पार्टी में मचा घमासान
फोटो: समर्थकों ने विनय सिंह को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं

डेली न्यूज मिरर 

बिहार न्यूज़ (14 अक्टूबर 2025):

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियां पूरे दमखम के साथ मैदान में उतर चुकी हैं और अलग-अलग चरणों में अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर रही हैं। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को 71 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की है। हालांकि इस सूची के बाद पार्टी के अंदर एक दिलचस्प और विवादित घटनाक्रम देखने को मिला है।

दरअसल, सोनपुर विधानसभा सीट से भाजपा ने अब तक आधिकारिक तौर पर अपने प्रत्याशी का नाम घोषित नहीं किया है। बावजूद इसके, सोनपुर के पूर्व विधायक विनय कुमार सिंह को पार्टी उम्मीदवार के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। इतना ही नहीं, उनके समर्थकों ने मिठाई बांटकर उन्हें ‘भाजपा प्रत्याशी’ बनने की बधाई भी दी। इस मौके पर भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे, जिन्होंने विनय सिंह को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि विनय कुमार सिंह स्वयं भाजपा प्रदेश अनुशासन समिति के अध्यक्ष हैं, और उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई देने वाले नेता भी कोई सामान्य कार्यकर्ता नहीं, बल्कि बिहार भाजपा के निवर्तमान महासचिव जगरनाथ ठाकुर हैं। उनके जैसे वरिष्ठ नेता द्वारा ऐसे समय में जब पार्टी की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है किसी नेता को प्रत्याशी बताकर मिठाई खिलाना अब पार्टी के भीतर चर्चा और मंथन का विषय बन गया है। कई नेताओं का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां पार्टी अनुशासन की भावना के विपरीत हैं।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने अनौपचारिक बातचीत में कहा, “भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। यहां कार्यकर्ता केवल नेतृत्व के निर्णय के अनुसार काम करते हैं। लेकिन जो कुछ सोनपुर में देखा गया, वह पार्टी की परंपरा और अनुशासन के विपरीत है।”

पार्टी सूत्रों के अनुसार, बिहार भाजपा नेतृत्व इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय स्तर पर कई नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व से इस पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अनुशासन समिति के अध्यक्ष और प्रदेश के वरिष्ठ नेता ही इस तरह की अनुशासनहीनता के केंद्र में होंगे, तो यह गलत परंपरा स्थापित करेगा।

अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि भाजपा प्रदेश नेतृत्व इस मामले पर क्या रुख अपनाता है, क्या कार्रवाई होगी या मामला यूं ही ठंडे बस्ते में चला जाएगा।।

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