टूटा हैंडल, सीट और पायदान भी गायब, वायरल वीडियो देख पसीजा अखिलेश यादव का दिल, फिर...
Daily News Mirror| Sitapur News
सीतापुर, 29 सितंबर 2025: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के दुघरा गांव में रहने वाले 8 वर्षीय मोहम्मद जैद की जिंदगी में आज एक नई खुशी का सवेरा हुआ। गरीबी की मार झेलते हुए वह रोजाना टूटी-फूटी साइकिल पर स्कूल जाता था, जिसका एक हैंडल गायब था, पैडल अधूरे थे और सीट तक न के बराबर। लेकिन एक वायरल वीडियो ने न सिर्फ पूरे देश का दिल जीत लिया, बल्कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का भी पसीजाया। अखिलेश जी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जैद को नई चमचमाती साइकिल भिजवा दी, जिसे प्राप्त कर बच्चे की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
जैद का वीडियो, जो उसके सरकारी प्राइमरी स्कूल के शिक्षक ने सोशल मीडिया पर साझा किया था, पिछले दो दिनों से वायरल हो रहा था। वीडियो में जैद अपनी छोटी-छोटी टांगों से साइकिल को तेज रफ्तार से दौड़ाता नजर आता है। बिना ब्रेक के वह सड़क पर संतुलन बनाए चलता है, जो गरीब बच्चों की जद्दोजहद की सच्ची तस्वीर पेश करता है। शिक्षक का मकसद था कि इस वीडियो के जरिए न सिर्फ जैद, बल्कि गांव के अन्य जरूरतमंद बच्चों की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित हो। वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया और हजारों यूजर्स ने इसे शेयर करते हुए मदद की अपील की।
अखिलेश यादव को जब यह वीडियो मिला, तो उन्होंने बिना देर किए स्थानीय समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए। आज सुबह ही पार्टी के नेता साइकिल लेकर जैद के घर पहुंचे। नई साइकिल देखते ही जैद की आंखें चमक उठीं। उसके माता-पिता ने भावुक होकर कहा, "अखिलेश जी ने हमारे बच्चे का सपना पूरा कर दिया। हम गरीब हैं, लेकिन अब जैद बिना किसी परेशानी के स्कूल जा सकेगा।" जैद ने खुद साइकिल पर चढ़कर पहली सवारी की और मुस्कुराते हुए कहा, "अब मैं तेज-तेज स्कूल जाऊंगा!"
यह घटना अखिलेश यादव की संवेदनशीलता का एक और उदाहरण है। विपक्ष में रहते हुए भी वे सोशल मीडिया के जरिए जरूरतमंदों की मदद के लिए जाने जाते हैं। पहले भी उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई में बेघर हुई एक बच्ची को न सिर्फ साइकिल दी, बल्कि उसकी पूरी शिक्षा का खर्च उठाने का वादा किया था। इसी तरह, कई गरीब बच्चों को लैपटॉप और अन्य सहायता प्रदान कर चुके हैं। जैद के मामले में भी जन सहयोग से स्कूल के अन्य बच्चों को साइकिलें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्थानीय शिक्षक ने बताया, "जैद क्लास 2 का होनहार छात्र है। वह रोज 2-3 किलोमीटर पैदल चलने के बजाय इस टूटी साइकिल पर ही स्कूल आता था। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं देखकर लगा कि कुछ तो बदलाव होगा। अखिलेश जी का यह कदम अन्य नेताओं के लिए मिसाल है।" सोशल मीडिया पर भी यूजर्स ने अखिलेश यादव की तारीफों के पुल बांधे। एक यूजर ने लिखा, "अखिलेश भैया जैसा कोई नहीं! गरीब बच्चे की मुस्कान लौटा दी।"
सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र के इस छोटे से गांव में आज खुशी का माहौल है। जैद की नई साइकिल न सिर्फ उसके स्कूल जाने का सफर आसान बनाएगी, बल्कि समाज में गरीबी और शिक्षा के बीच के फासले को कम करने की एक मिसाल भी कायम करेगी। अखिलेश यादव ने एक बयान में कहा, "बच्चों का भविष्य ही देश का भविष्य है। हमें उनकी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए हमेशा आगे आना चाहिए।"
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सोशल मीडिया आज जरूरतमंदों की आवाज बन सकता है, और संवेदनशील नेतृत्व इसे सकारात्मक बदलाव में बदल सकता है। जैद की तरह ही कई बच्चे अभी भी संघर्ष कर रहे हैं—क्या हम सब मिलकर उनकी मदद करेंगे?
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