भारतीय टीम ने नकवी के हाथों ठुकराई ट्रॉफी, दुबई में दो घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा, बिना कप के भारतीय टीम ने मनाया जश्न
Daily News Mirror| Asia Cup controversy
दुबई, 29 सितंबर 2025: एशिया कप 2025 का फाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच न सिर्फ मैदान पर बल्कि पुरस्कार वितरण समारोह में भी एक अनोखा ड्रामा बन गया। पाकिस्तान को 5 विकेट से करारी शिकस्त देकर नौवीं बार एशिया कप का खिताब जीतने वाली भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) चेयरमैन मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया। मैच खत्म होने के बाद करीब दो घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे ने क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया। भारतीय टीम बिना ट्रॉफी के ही जश्न मना चुकी थी, जबकि नकवी मंच पर खड़े होकर शर्मिंदगी झेलते नजर आए।
मैच का रोमांचक अंत: तिलक वर्मा की पारी ने दिलाई जीत
दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में रविवार रात को खेले गए फाइनल में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और 20 ओवर में 6 विकेट पर 146 रन बनाए। पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा ने 42 रनों की उपयोगी पारी खेली, लेकिन भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव ने 4 विकेट लेकर पाकिस्तानी बल्लेबाजों को रंग जमीन दिखा दिया। जवाब में भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 19.4 ओवर में 5 विकेट खोकर 147 रन बनाए। तिलक वर्मा की 69 रनों की धमाकेदार अर्धशतकीय पारी और रिंकू सिंह के अंतिम ओवर में चौका मारकर मैच खत्म करने वाले शॉट ने भारत को चैंपियन बना दिया।
यह भारत की एशिया कप इतिहास में तीसरी लगातार जीत थी, जो पाकिस्तान के खिलाफ खिताबी मुकाबले में पहली बार हुई। मैच के दौरान भी तनाव साफ नजर आया—भारतीय गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने पाकिस्तानी तेज गेंदबाज हारिस रऊफ को आउट करने के बाद 'प्लेन क्रैश' का इशारा किया, जो टूर्नामेंट के पहले मैच के हैंडशेक विवाद से जुड़ा था।
पुरस्कार समारोह में ड्रामा: ट्रॉफी का क्या हुआ?
मैच समाप्ति के तुरंत बाद सबकी निगाहें पुरस्कार वितरण पर टिक गईं। ACC के नियमों के मुताबिक, अध्यक्ष मोहसिन नकवी को ही विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपनी थी। लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन ने पहले ही ACC को सूचित कर दिया था कि वे नकवी से ट्रॉफी नहीं लेंगे। नकवी मंच पर ट्रॉफी लिए खड़े थे, लेकिन भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और टीम ने साफ मना कर दिया।
यहां से शुरू हुआ दो घंटे का ड्रामा। पाकिस्तानी टीम हूटिंग से बचने के लिए ड्रेसिंग रूम में 55 मिनट तक बंद रही, जबकि नकवी मंच पर फोन पर बातें करते हुए इंतजार करते रहे। भारतीय प्रशंसकों ने 'भारत माता की जय' के नारे लगाकर विरोध जताया। आखिरकार, एक आयोजक ने चुपके से ट्रॉफी भारतीय ड्रेसिंग रूम में पहुंचा दी, लेकिन आधिकारिक रूप से ट्रॉफी नहीं सौंपी गई। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, नकवी ने ट्रॉफी और मेडल्स अपने होटल रूम में ले जाते हुए 'चुरा' लिए, जिस पर BCCI ने कड़ी आपत्ति जताई है। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, "ट्रॉफी भारत आनी चाहिए। हम ऐसे व्यक्ति से सम्मान स्वीकार नहीं कर सकते जो भारत-विरोधी बयान दे चुका है।" ICC में शिकायत की तैयारी भी चल रही है।
X (पूर्व ट्विटर) पर भी यह मुद्दा गरमाया रहा। एक यूजर ने लिखा, "Indian team refused to collect the trophy from Naqvi... Unprecedented presentation ceremony. A very insulting night for Pak Minister."
वहीं, पाकिस्तानी यूजर्स ने इसे 'झूठ' बताते हुए बचाव किया, लेकिन वीडियो सबूतों ने उनकी दलीलें कमजोर कर दीं।
विवाद की जड़: हैंडशेक से शुरू, ट्रॉफी तक पहुंचा तनाव
यह ड्रामा अचानक नहीं हुआ। एशिया कप के ग्रुप स्टेज मैच (14 सितंबर) में भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी टीम से हाथ नहीं मिलाया था, जिसके बाद PCB ने मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को हटाने की मांग की और ICC को शिकायत की। नकवी ने X पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का वीडियो शेयर कर 'परमाणु हमले' का इशारा दिया था, जो 'ऑपरेशन सिंदूर' से जुड़ा था।
हेड कोच गौतम गंभीर और टीम प्रबंधन ने वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ चर्चा कर 'पाकिस्तानी पक्ष से कोई संपर्क न करने' की नीति अपनाई। फाइनल से पहले भी अटकलें थीं कि ट्रॉफी को लेकर विवाद होगा। X पर एक पोस्ट में लिखा गया, "Suryakumar Yadav has asked for PCB chairman & ACC president Mohsin Naqvi’s removal from trophy presentation."
BCCI का सख्त रुख: 'राजनीतिक हस्तक्षेप अस्वीकार्य'
BCCI ने इसे 'क्रिकेट की भावना का उल्लंघन' बताया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "नकवी जैसे व्यक्ति से ट्रॉफी लेना भारत का अपमान होता। हम ACC को पहले ही बता चुके थे।" पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन नकवी की 'जिद' ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।
जश्न बिना ट्रॉफी का: खिलाड़ियों का मजेदार अंदाज
ट्रॉफी न मिलने के बावजूद भारतीय टीम ने मैदान पर जमकर जश्न मनाया। हार्दिक पांड्या ने कप्तान सूर्यकुमार यादव की नकल उतारी, जबकि रिंकू सिंह ने टीम को हंसाया। X पर वायरल वीडियो में खिलाड़ी बिना कप के ही 'ट्रॉफी उठाने' का जेस्चर करते नजर आए।
यह घटना क्रिकेट में राजनीति के दखल को उजागर करती है। एशिया कप का यह फाइनल न सिर्फ खेल का, बल्कि कूटनीति का भी मैदान बन गया। अब सवाल यह है कि ट्रॉफी का क्या होगा—क्या ICC हस्तक्षेप करेगा? फिलहाल, भारत ने मैदान पर अपनी ताकत दिखा दी है।
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