राजा भईया और उनकी पत्नी भानवी सिंह की लड़ाई में नया मोड़, बेटों ने मां पर लगाए सनसनीखेज आरोप
बेटे पिता के समर्थन में तो जानें बेटियां किसके साथ?
Daily News Mirror| Pratapgargh
प्रतापगढ़, 25 सितंबर 2025: उत्तर प्रदेश की राजनीति के चर्चित चेहरे, कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भईया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। राजा भईया के दोनों बेटे, शिवराज प्रताप सिंह और ब्रिजराज प्रताप सिंह ने पहली बार खुलकर अपनी मां के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किए गए लंबे बयानों से न केवल परिवार के अंदरूनी कलह ने सार्वजनिक रूप ले लिया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी सनसनी फैल गई है। बेटों ने मां पर पिता को बदनाम करने की साजिश रचने, संपत्ति के लालच में परिवार को तोड़ने और यहां तक कि अपनी ही मां (बेटों की नानी) पर जूतों से हमला करने का आरोप लगाया है।
विवाद की पृष्ठभूमि: 10 साल पुरानी दरार
राजा भईया और भानवी सिंह की शादी 1995 में हुई थी, जो भदरी राजघराने की परंपराओं के अनुरूप थी। दंपति के चार बच्चे हैं—दो बेटे शिवराज और ब्रिजराज (जुड़वां भाई), तथा दो बेटियां राघवी और बृजेश्वरी। पिछले करीब 10 वर्षों से दोनों के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं। भानवी सिंह ने कई बार सोशल मीडिया पर राजा भईया पर घरेलू हिंसा, अवैध हथियार रखने और एक अनाम महिला के साथ संबंधों के आरोप लगाए हैं। जून 2025 में उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें राजा भईया पर विदेशी हथियारों का जखीरा रखने का दावा किया गया। इसके अलावा, भानवी ने एक्स पर हथियारों की तस्वीरें और एक कथित ऑडियो क्लिप साझा की, जिसमें गोली चलने की घटना का जिक्र था।
राजा भईया के करीबी एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह (गोपाल जी) ने इन आरोपों को 'बेबुनियाद' बताते हुए कहा कि भानवी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वे 10 साल से अलग रह रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार के सभी सदस्यों के पास वैध लाइसेंस हैं, इसलिए अवैध हथियार रखने का सवाल ही पैदा नहीं होता। मामला कोर्ट में चल रहा है, जहां भानवी ने 50-100 करोड़ रुपये की मांग की है, साथ ही मासिक भरण-पोषण के लिए 25 लाख रुपये का दावा भी किया गया है।
बेटों का धमाकेदार बयान: 'मां का अगला टारगेट हम भाई'
20 सितंबर को बड़े बेटे शिवराज प्रताप सिंह ने एक्स पर एक लंबी पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने पारिवारिक इतिहास खोल दिया। उन्होंने लिखा, "हमारे माता-पिता गत करीब 10 वर्ष से अलग रह रहे हैं। उसके पहले कुछ वर्ष परिवार के बड़ों के कहने पर हम बच्चों की खातिर दाऊ (राजा भईया) ने मम्मा (भानवी) के साथ एक छत के नीचे रहना स्वीकार किया, लेकिन दोनों में संबंध सामान्य नहीं थे। बाद में मम्मा ने दाऊ को बिना बताए घर छोड़ दिया और दिल्ली चली गईं।" शिवराज ने आगे कहा कि उन्होंने और उनके भाई ने मध्यस्थता की कोशिश की, लेकिन भानवी ने इसे ठुकरा दिया। उन्होंने मां पर पिता को बदनाम करने की राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया और कहा, "मम्मा कोर्ट में कहीं 50 करोड़ तो कहीं 100 करोड़ मांग रही हैं। इनके इसी स्वभाव के चलते दाऊ ही नहीं, इनके अपने माता-पिता, सास-ससुर तक नाराज हैं।"
छोटे बेटे ब्रिजराज प्रताप सिंह ने भी 24 सितंबर को एक वीडियो और पोस्ट जारी की, जिसमें उन्होंने भानवी पर अपनी दादी (भानवी की मां) को जूतों से पीटने का 'सबूत' साझा किया। वीडियो में कथित तौर पर भानवी को बुजुर्ग महिला पर हमला करते दिखाया गया है। ब्रिजराज ने तंज कसते हुए लिखा, "क्या घर में न्यूक्लियर रिएक्टर लगा है कि WMD (Weapons of Mass Destruction) रखा है? हम दोनों भाई मां का अगला टारगेट बन सकते हैं।" उन्होंने एमएलसी गोपाल जी का समर्थन किया और कहा कि वे 'दाऊ की लड़ाई लड़ रहे हैं, उनका कोई निजी स्वार्थ नहीं।'
बेटियों का अलग रुख: मां के समर्थन में आवाज
वहीं, राजा भईया की दोनों बेटियां भानवी के साथ रहती हैं और विवाद में मां का साथ दे रही हैं। मई 2025 में बड़ी बेटी राघवी ने एक्स पर पोस्ट कर पिता पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, "मां को रोज टूटते देखती हूं... पिता ने मां पर बर्बर पिटाई की।" भानवी ने भी सबूत के रूप में अस्पताल की तस्वीरें साझा कीं। बेटियों का यह रुख परिवार को और बांट रहा है।भानवी के माता-पिता का ट्विस्ट: बेटी पर ही लगाए आरोपविवाद में एक और ट्विस्ट तब आया जब जुलाई 2025 में भानवी के माता-पिता ने लखनऊ पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। उन्होंने अपनी बेटी पर संपत्ति हड़पने, मारपीट, धमकी देने और यहां तक कि खाने में जहर मिलाने की कोशिश का आरोप लगाया। शिकायत में कहा गया, "हमें हमारी बेटी भानवी से बचा लो। वह और उसकी बहन प्रत्युषा हमारी निगरानी कर रही हैं और नौकरों को रिश्वत देकर साजिश रच रही हैं।" भानवी के माता-पिता ने एफआईआर की मांग की और सुरक्षा की गुहार लगाई।
सोशल मीडिया पर सनसनी: समर्थन और आलोचना की बौछार
बेटों की पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। राजा भईया के समर्थक इसे 'परिवार के दुख की घड़ी में साजिश' बता रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स ने बेटों पर 'मां का अपमान' करने का आरोप लगाया। एक यूजर ने लिखा, "यह निजी मामला है, सार्वजनिक करने से परिवार का क्या भला?" वहीं, भानवी के समर्थक बेटों को 'पिता के प्रभाव में' बता रहे हैं।
राजनीतिक निहितार्थ: राजा भईया की छवि पर असर?
राजा भईया, जो जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के अध्यक्ष हैं, लंबे समय से अपनी स्वतंत्र छवि के लिए जाने जाते हैं। अप्रैल 2025 में उन्होंने दोनों बेटों को अपनी पार्टी में शामिल कर राजनीति में उतारा था। लेकिन यह पारिवारिक विवाद उनकी छवि को प्रभावित कर सकता है, खासकर आगामी चुनावों को देखते हुए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह विवाद विपक्ष को मौका दे सकता है।
मामला कोर्ट में विचाराधीन है, और दोनों पक्षों से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। लेकिन बेटों की एंट्री से साफ है कि यह विवाद अब सिर्फ पति-पत्नी का नहीं, बल्कि पूरे परिवार का हो चुका है। क्या यह सुलझेगा या और गहराएगा? आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।
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