मिर्जापुर में मजदूर के घर इनकम टैक्स का छापा, 17 करोड़ 40 लाख के गबन का थमाया नोटिस
सोनभद्र के मालिक ने धोखे से खुलवाया खाता, जांच जारी
Daily News Mirror| Mirzapur News
मिर्जापुर, 17 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के संतनगर क्षेत्र के कन्हईपुर गांव में रहने वाले दिहाड़ी मजदूर शिवधनी के घर आज इनकम टैक्स विभाग की टीम अचानक पहुंची। अधिकारियों ने उन्हें 17 करोड़ 40 लाख 12 हजार 207 रुपये का भारी-भरकम नोटिस थमा दिया। नोटिस देखकर शिवधनी और उनका परिवार सदमे में है। एक साधारण मजदूर, जिसकी मासिक आय सिर्फ 8 हजार रुपये है और घर कच्चा है, बिना किसी जमीन के, उसे अचानक करोड़ों का टैक्स जमा करने का आदेश मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
शिवधनी ने बताया कि उन्होंने करीब 8 साल पहले सोनभद्र जिले के घोरावल क्षेत्र में बैटरी लोडिंग-अनलोडिंग का काम किया था। मालिक ने उन्हें सैलरी खाते में भेजने का वादा करके दो बैंक खाते (कोटक महिंद्रा बैंक और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक) खुलवाए। लेकिन खाता खुलवाने के बाद न तो एक पैसा सैलरी जमा हुई और न ही कोई जानकारी दी गई। 8 साल बाद आर्थिक मंदी का हवाला देकर मालिक ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। इसके बाद शिवधनी मुंबई चले गए, जहां वे अभी भी मजदूरी कर रहे हैं।
शिवधनी के अनुसार, "खाता खुलवाने के बाद हम वापस आकर काम करने लगे। लेकिन सैलरी कभी नहीं आई।" कुछ साल बाद उनके घर पर इनकम टैक्स के नोटिस आने शुरू हो गए। पिछले 6 महीने से लगातार नोटिस आ रहे थे। जब उन्होंने मालिक को दिखाया, तो मालिक ने नोटिस ले लिया और "देखते हैं" कहकर टाल दिया। जवाब न मिलने पर विभाग की टीम आज उनके घर पहुंची।टीम ने बताया कि शिवधनी के इन खातों से करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है, जिस पर टैक्स बकाया बन गया है। शिवधनी ने दावा किया कि वे इन ट्रांजेक्शनों के बारे में बिल्कुल अनजान हैं। उन्होंने कहा, "मेरा कच्चा घर है, जमीन भी नहीं है। 8 हजार रुपये महीने पर नौकरी करके परिवार का गुजारा करता था। अब यह नोटिस आ गया है।"
नोटिस मिलने पर शिवधनी ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वे अदालत और विभाग के चक्कर काट रहे हैं। इनकम टैक्स टीम ने उन्हें किसी से बात न करने की चेतावनी भी दी है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।
यह मामला उन कई घटनाओं की याद दिलाता है, जहां गरीब मजदूरों के नाम पर फर्जी बैंक खाते या कंपनियां खोलकर बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं की जाती हैं। शिवधनी जैसे लोग, जो मुश्किल से दो वक्त की रोटी जुटा पाते हैं, अक्सर ऐसे फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं।
अभी तक मालिक की पहचान या कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विभाग की ओर से भी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। स्थानीय स्तर पर लोग मालिक पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, साथ ही बैंक की लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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