मिर्जापुर में बाढ़ से जलजला: कई मुख्य मार्ग और 12वीं तक के स्कूल बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त
पढ़ें मिर्जापुर में बाढ़ की स्थिति पर एक खास रिपोर्ट
Daily News Mirror| Mirzapur
मिर्जापुर, 4 अगस्त 2025: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में गंगा नदी के उफान और लगातार भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 77.724 मीटर से 25.60 मीटर ऊपर बह रहा है, जिससे तटवर्ती गांवों में पानी का सैलाब आ गया है। दर्जनों गांव जलमग्न हो चुके हैं, बिजली आपूर्ति ठप है, और लोग अपने जरूरी सामान और मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। सदर और चुनार तहसीलें इस बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं, जहां कोल्हुआ, गहिया पुरवा, बल्लीपरवा, देवपरवा, मल्लेपुर जैसे गांवों में बाढ़ का पानी खेतों, घरों और सड़कों तक पहुंच गया है।
बाढ़ का भयावह मंजर: फसलें और सड़कें जलमग्न
मिर्जापुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार तीसरे दिन बढ़ रहा है, जिसके कारण कोन ब्लॉक के कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। हजारों एकड़ फसलें पानी में डूब चुकी हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। सब्जी, बाजरा, ज्वार जैसी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, और किसानों के सपने पानी में बह गए हैं। मिर्जापुर-वाराणसी मार्ग पर औराई के पास टेढवा सहसेपुर में सड़क पर पानी भरने के कारण यातायात बंद कर दिया गया है। इसी तरह, भटौली-कछवा मार्ग पर जसोवर गांव के पुल और बलूआ घाट के ऊपर सड़क पर गंगा का पानी हिलोरे मार रहा है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
LPG गोदाम पर खतरा, स्कूल बंद
गंगा के बढ़ते जलस्तर ने मिर्जापुर में एक गंभीर खतरे को जन्म दिया है। एक LPG गोदाम जलमग्न हो गया है, और तैरते सिलेंडरों को संभालने के लिए कर्मचारी जान जोखिम में डाल रहे हैं। ELGAS गाइडलाइन के अनुसार, बाढ़ में LPG सिलेंडर अत्यंत खतरनाक हो सकते हैं, और ऐसी स्थिति में दुर्घटना का जोखिम बढ़ जाता है। गुजरात के नवसारी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को तत्काल ठोस कदम उठाने की जरूरत है। इसके अलावा, भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने 5 से 7 अगस्त तक जिले के सभी स्कूलों (कक्षा 1 से 12 तक) को बंद करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश सभी बोर्डों के स्कूलों पर लागू है, ताकि छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ग्रामीणों का आक्रोश, सड़कों पर प्रदर्शन
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कमी से नाराज ग्रामीणों ने सदर तहसील के मल्लेपुर गांव में सड़क पर चक्का जाम कर धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मोटर बोट और जरूरी सामानों की आपूर्ति की मांग की। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा राहत सामग्री और बचाव कार्यों में देरी हो रही है, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं। प्रदर्शन की सूचना पर प्रशासन हरकत में आया और तत्काल व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन के बीच कहासुनी भी हुई, लेकिन स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
प्रशासन और सरकार का राहत कार्य
जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। 37 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, और प्रभावित लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मिर्जापुर में 92 परिवारों को राहत पैकेट वितरित किए गए हैं, जिनमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 2 किलो अरहर, 10 किलो आलू, 200 ग्राम हल्दी, 100 ग्राम मिर्च, सब्जी मसाला, 1 लीटर सरसों का तेल और 1 किलो नमक शामिल है। इसके अलावा, पशुओं के लिए 682 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार भी स्थिति पर नजर रखे हुए है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने आवास पर बाढ़ प्रबंधन को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें कई जिलों के डीएम, पुलिस कमिश्नर और एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। बैठक में कानून-व्यवस्था और राहत कार्यों पर विशेष जोर दिया गया। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी और आशीष पटेल ने मिर्जापुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और राहत शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात कर राहत सामग्री की उपलब्धता का जायजा लिया।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। गंगा के अलावा यमुना, शारदा, और घाघरा जैसी नदियां भी कई जिलों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मिर्जापुर, वाराणसी, प्रयागराज, गाजीपुर, और बलिया जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
आपातकालीन संपर्क नंबर
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए 24x7 सक्रिय आपातकालीन नंबर जारी किए हैं:जिला कंट्रोल रूम: 05442-256357
टोल फ्री: 1077
सदर तहसील: 05442-220188
चुनार तहसील: 05443-222413
CMO: 05442-252337
पशु चिकित्सा: 9696148805
सिंचाई विभाग: 05542-252589
बिजली विभाग: 8004932170
आगे की चुनौतियां
मिर्जापुर में बाढ़ ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि बुनियादी ढांचे और आजीविका पर भी गहरा असर डाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, जिसके लिए प्रशासन ने 757 मेडिकल टीमें तैनात की हैं। इसके अलावा, 1,29,571 क्लोरीन टैबलेट और 37,089 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं।
मिर्जापुर के लोग इस प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हैं, और उनकी उम्मीदें अब प्रशासन और सरकार की त्वरित कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर राहत और बचाव कार्य नहीं हुए, तो स्थिति और बदतर हो सकती है।
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