प्रयागराज, मिर्जापुर और भदोही में भारी बारिश का कहर, जिलों के ऊपर मॉनसून रेखा सक्रिय, IMD ने जारी की चेतावनी

Jul 17, 2025 - 09:20
Jul 17, 2025 - 09:21
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प्रयागराज, मिर्जापुर और भदोही में भारी बारिश का कहर, जिलों के ऊपर मॉनसून रेखा सक्रिय, IMD ने जारी की चेतावनी
प्रयागराज में बाढ़ जैसे हालात

Daily News Mirror

प्रयागराज, मिर्जापुर और भदोही जिले में बीती रात से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज (17 जुलाई 2025) दिन भर इन क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मॉनसून रेखा वर्तमान में प्रयागराज के ऊपर बनी हुई है, जिसके कारण हवा की गति में तेजी और बारिश की तीव्रता में वृद्धि की संभावना है।

प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर, घाट जलमग्न 

प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते संगम नगरी के कई प्रमुख घाट जलमग्न हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बांधों से पानी छोड़े जाने और लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह में भी पानी प्रवेश कर चुका है, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में परेशानी हो रही है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा है।

मिर्जापुर और भदोही में बाढ़ जैसे हालात 

मिर्जापुर और भदोही में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मिर्जापुर में मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक गरज के साथ बौछारें और 70-80% बारिश की संभावना जताई है, जिसमें तापमान 31-34 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सड़कों पर जलजमाव और नदियों के उफान से यातायात और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भदोही में भी कई क्षेत्रों में पानी भरने की खबरें हैं, जिसके चलते स्कूलों को बंद कर दिया गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने बताया कि मॉनसून रेखा (Monsoon Trough) प्रयागराज के ऊपर सक्रिय है, जिसके कारण हवाओं की गति 10-15 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। इसके प्रभाव से अगले 24-48 घंटों में भारी बारिश और गरज के साथ आंधी की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से नदियों और निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही, आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है।

स्थानीय लोगों का हाल

स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश और जलस्तर में वृद्धि ने उनकी दिनचर्या को प्रभावित किया है। एक निवासी ने बताया, "पहले जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा था, लेकिन अब बारिश की वजह से स्थिति और गंभीर हो गई है।" कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने और सड़कों पर जलजमाव के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।

प्रशासन की तैयारियां 

जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। नावों और बचाव दल को तैयार रखा गया है, साथ ही निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। मौसम विभाग ने मछुआरों और नदी किनारे रहने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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