चमत्कार या रहस्य? 72 घंटों से हनुमान जी की मूर्ति की परिक्रमा कर रहा कुत्ता, वीडियो वायरल
कुत्ते के ऊपर बैठ एक कबूतर भी लगा रहा था चक्कर, हुई मौत
Daily News Mirror| Bijnaur News
बिजनौर, 15 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना इलाके में एक अनोखी घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है। यहां एक कुत्ता पिछले 72 घंटों से ज्यादा समय से हनुमान जी की मूर्ति के चारों ओर लगातार परिक्रमा कर रहा है। यह घटना 11 जनवरी से शुरू हुई, जब कुत्ता मंदिर परिसर में पहुंचा और बिना रुके चक्कर लगाने लगा। स्थानीय लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं और कुछ तो इसे भैरव बाबा का अवतार बता रहे हैं। मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई है, जो इस दृश्य को देखने आ रहे हैं।
घटना की शुरुआत और विवरण
बिजनौर के नंदपुर या नगीना गांव में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में यह कुत्ता सुबह 4 बजे के आसपास पहुंचा। उसके बाद से वह मूर्ति के इर्द-गिर्द घूमता रहा। थकान होने पर थोड़ी देर बैठ जाता है, लेकिन फिर से परिक्रमा शुरू कर देता है। कुत्ते को भोजन देने की कोशिश की गई, लेकिन वह कुछ नहीं खा रहा। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कुत्ता लगातार दक्षिणावर्त दिशा में चक्कर लगा रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे 36 घंटे, 48 घंटे या 60 घंटे तक बताया गया है, लेकिन अब यह 72 घंटों से ज्यादा हो चुका है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने जीवन में ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा। एक श्रद्धालु ने बताया, "यह कुत्ता भैरव बाबा का रूप लगता है। हम इसे पूज रहे हैं।" भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री अनूप बाल्मीकि भी मंदिर पहुंचे और इस घटना को देखा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है, जहां लोग इसे आस्था से जोड़ रहे हैं।
विज्ञान क्या कहता है?
हालांकि कई लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई न्यूरोलॉजिकल बीमारी का संकेत हो सकता है। कुत्तों में सर्कलिंग बिहेवियर अक्सर रेबीज, ब्रेन ट्यूमर, कान की संक्रमण या वेस्टिबुलर डिसीज जैसी समस्याओं से जुड़ा होता है। रेबीज के मामले में जानवर असामान्य व्यवहार दिखाते हैं, जैसे लगातार घूमना। दुनिया में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां जानवरों ने इसी तरह का व्यवहार किया। उदाहरण के लिए, शनि शिंगणापुर में एक बिल्ली ने शनि देव की परिक्रमा की थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह आस्था नहीं, बल्कि स्वास्थ्य समस्या है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
X (पूर्व ट्विटर) और फेसबुक पर यह वीडियो तेजी से शेयर हो रहा है। कुछ यूजर्स इसे "अद्भुत चमत्कार" बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे रेबीज का लक्षण मानकर चेतावनी दे रहे हैं। एक पोस्ट में लिखा है, "कुत्ता बीमार है, लेकिन बीमार कुत्ता इतने घंटे परिक्रमा कैसे कर सकता है?" वहीं, कुछ लोग इसे पूर्वजन्म या कर्म से जोड़ रहे हैं।
समान घटनाएं
दुनिया में ऐसे कई मामले दर्ज हैं। भारत में ही शिव मंदिरों या अन्य धार्मिक स्थलों पर जानवरों के असामान्य व्यवहार की खबरें आती रही हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे मामलों में जानवर को पशु चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए, न कि इसे चमत्कार मानकर भीड़ जुटानी चाहिए।
यह घटना आस्था और विज्ञान के बीच बहस को जन्म दे रही है। फिलहाल, मंदिर प्रशासन और स्थानीय अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अधिक अपडेट के लिए बने रहें।
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