कानपुर में खाकी की आड़ में हैवानियत: दरोगा की स्कॉर्पियो में 14 साल की मासूम का गैंगरेप, यूट्यूबर गिरफ्तार, पुलिस वाला फरार

घर से बाहर शौच करने निकली बच्ची को घसीटकर स्कॉर्पियो में...

Jan 8, 2026 - 07:39
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कानपुर में खाकी की आड़ में हैवानियत: दरोगा की स्कॉर्पियो में 14 साल की मासूम का गैंगरेप, यूट्यूबर गिरफ्तार, पुलिस वाला फरार
फोटो: रेप के आरोपित यूट्यूबर और दारोगा

Daily News Mirror| Kanpur News

कानपुर, 08 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है। एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की का अपहरण कर चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है, जिसमें एक यूट्यूबर और एक पुलिस दरोगा की मुख्य भूमिका बताई जा रही है। इस घटना ने न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि 'खाकी' और 'कलम' की साख को भी दागदार कर दिया है। पीड़िता की हिम्मत और परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, लेकिन शुरुआती लापरवाही के चलते उच्च अधिकारियों को सख्त कदम उठाने पड़े।

घटना का खौफनाक विवरण

घटना कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र की है, जहां सोमवार रात करीब 10 बजे 14 साल की लड़की घर से बाहर निकली थी। पीड़िता के भाई के मुताबिक, एक काली स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार दो युवकों ने उसे जबरन खींच लिया। कार में एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था, जबकि दूसरा खुद को पत्रकार बताने वाला यूट्यूबर था। आरोप है कि दोनों ने मिलकर लड़की के साथ करीब दो घंटे तक सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता बेहोश हो गई, तो आरोपियों ने उसे घर के बाहर फेंक दिया।

पीड़िता ने होश में आने के बाद परिवार को पूरी घटना बताई। उसने आरोपियों का हुलिया और कार की डिटेल्स दीं, जिसमें काली स्कॉर्पियो का जिक्र था। परिवार ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन शुरुआत में FIR में आरोपियों के नाम शामिल नहीं किए गए और इसे 'अज्ञात व्यक्तियों' के खिलाफ दर्ज किया गया। पीड़िता ने स्पष्ट रूप से बताया कि एक आरोपी पुलिस की वर्दी में था, जो बाद में दरोगा अमित मौर्या के रूप में पहचाना गया।

आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी यूट्यूबर शिवबरन यादव और दरोगा अमित मौर्या हैं। शिवबरन यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अमित मौर्या फरार है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि दरोगा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। उसकी तलाश के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं।

संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार ने कहा, "यह एक बेहद गंभीर घटना है। पीड़िता से डीसीपी (साउथ) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बात की है। उसकी लिखित शिकायत में अभी नाम नहीं हैं, लेकिन भाई की अलग शिकायत में पुलिसकर्मी का जिक्र है। जांच पारदर्शी तरीके से हो रही है।"

पुलिस की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

इस मामले में पुलिस की शुरुआती लापरवाही सामने आई है। थाना प्रभारी विक्रम सिंह को सही धाराओं में FIR न दर्ज करने और अधिकारियों को स्पष्ट जानकारी न देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। साथ ही, डीसीपी वेस्ट दिनेश त्रिपाठी को भी हटा दिया गया है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश की गई, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

डीसीपी वेस्ट दिनेश त्रिपाठी ने बयान में कहा, "गैंगरेप का केस दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तार किया जाएगा और उनके नाम FIR में जोड़े जाएंगे। जांच पूरी पारदर्शिता से हो रही है।" 

लेटेस्ट अपडेट्स और जांच की दिशा

आज सुबह तक की जानकारी के मुताबिक, शिवबरन यादव पुलिस हिरासत में है और पूछताछ जारी है। अमित मौर्या की लोकेशन ट्रैक करने के लिए टीमें विभिन्न जिलों में छापेमारी कर रही हैं। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है। परिवार ने सुरक्षा की मांग की है।

सोशल मीडिया पर यह मामला वायरल हो रहा है, जहां लोग इस घटना को 'कानून और कलम के गठजोड़' का कलंक बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "यह अपराध नहीं, पूरी व्यवस्था पर कलंक है। दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।" कई संगठनों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

समाज और सिस्टम पर सवाल

यह घटना उत्तर प्रदेश में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा पर बड़े सवाल उठाती है। जब खुद कानून के रखवाले ही अपराध में शामिल हों, तो आम आदमी की क्या हालत होगी? विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच जल्द पूरी की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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