बिहार में चूड़ा-दही की राजनीति: तेजप्रताप का न्योता, सियासी हलचल तेज
Daily News Mirror
नंदनी झा (विशेष संवाददाता)
Bihar News (07 जनवरी 2026): मकर संक्रांति आते ही बिहार की राजनीति में एक बार फिर चूड़ा– दही भोज चर्चा का केंद्र बन गया है। यह परंपरा कोई नई नहीं है, बल्कि दशकों से चली आ रही है, जिसमें सत्ता और विपक्ष के नेता राजनीतिक मतभेद भूलकर एक ही पंगत में बैठते रहे हैं।
कभी राजद सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के आवास पर होने वाला चूड़ा– दही भोज पूरे सूबे में खास पहचान रखता था। पक्ष हो या विपक्ष, सभी नेता इस भोज में शामिल होते थे और इसे सौहार्द और मेल-मिलाप का प्रतीक माना जाता था।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि चूड़ा– दही भोज केवल सामाजिक परंपरा नहीं, बल्कि इसके गहरे सियासी मायने भी होते हैं। खड़मास की समाप्ति का संकेत देने वाला यह भोज कई बार बड़े राजनीतिक बदलावों का गवाह भी बन चुका है।
इसी कड़ी में अब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के मुखिया तेज प्रताप यादव ने बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा से मुलाकात कर उन्हें मकर संक्रांति पर आयोजित चूड़ा– दही भोज का न्योता दिया है। इस मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सवाल उठ रहे हैं कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक थी या फिर मकर संक्रांति के बाद बिहार की राजनीति में कोई बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। फिलहाल, चूड़ा–दही भोज के बहाने बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है।।
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