पंकज बने यूपी BJP के नए चौधरी, शंखनाद-डमरू की गूंज में पीयूष गोयल का ऐलान, सीएम योगी समेत तमाम बड़े नेता रहे मौजूद
यूपी में आखिर बीजेपी ने चौधरी को क्यों बनाया प्रदेश अध्यक्ष, पढ़ें खास रिपोर्ट
Daily News Mirror| Uttar Pradesh News
लखनऊ, 14 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को अपना नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शंखनाद और डमरू की गूंज के बीच केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को यूपी बीजेपी का नया अध्यक्ष घोषित किया। यह ऐलान लखनऊ के पार्टी मुख्यालय में एक भव्य समारोह में हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित पार्टी के शीर्ष नेता मौजूद रहे। यह नियुक्ति 2027 विधानसभा चुनावों से पहले ओबीसी समुदाय को मजबूत करने की बीजेपी की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
समारोह की शुरुआत पारंपरिक तरीके से हुई, जहां शंखनाद और डमरू की ध्वनि ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। पीयूष गोयल ने मंच से घोषणा करते हुए कहा, "पंकज चौधरी के नेतृत्व में यूपी बीजेपी 'मिशन 2027' को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।" सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी मंच से समर्थन जताते हुए कहा कि यह नियुक्ति पार्टी की एकजुटता और विकास के संकल्प को मजबूत करेगी। उपमुख्यमंत्री मौर्य ने इसे "संगठन की नई ऊर्जा" करार दिया, जबकि ब्रजेश पाठक ने कुर्मी समुदाय के योगदान की सराहना की।
पंकज चौधरी: सात बार के सांसद और कुर्मी चेहरे की उभरती ताकत
पंकज चौधरी (63 वर्ष) महराजगंज लोकसभा सीट से सात बार के सांसद हैं और वर्तमान में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री हैं। कुर्मी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले चौधरी को 'कैडर का चेहरा' माना जाता है। उनका राजनीतिक सफर 1989 में गोरखपुर नगर निगम के सदस्य के रूप में शुरू हुआ था। बाद में वे जिला पंचायत अध्यक्ष बने और 2004 से लगातार लोकसभा सदस्य चुने जाते रहे। चौधरी को उनकी सादगी, संगठन क्षमता और वित्तीय मामलों की गहरी समझ के लिए जाना जाता है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, चौधरी का नामांकन प्रक्रिया निर्विरोध रही। शनिवार को उन्होंने अकेले ही नामांकन दाखिल किया, जिसमें सीएम योगी समेत नौ वरिष्ठ नेताओं ने उनका प्रस्ताव रखा। कोई अन्य उम्मीदवार सामने नहीं आया, जिससे उनकी नियुक्ति तय हो गई।
यह पहली बार है जब एक केंद्रीय मंत्री को यूपी बीजेपी की कमान सौंपी जा रही है, जो पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति को दर्शाता है।आलाकमान का फैसला: ओबीसी एकीकरण और 2027 की तैयारीबीजेपी हाईकमान ने पंकज चौधरी को चुनने के पीछे कई कारण गिनाए। हालिया लोकसभा चुनावों में यूपी में पार्टी को 62 से घटकर 33 सीटें मिलीं, जिसमें ओबीसी वोटों का ध्रुवीकरण एक बड़ा मुद्दा रहा। कुर्मी समुदाय, जो पूर्वांचल में प्रभावशाली है, को मजबूत करने के लिए चौधरी का चयन रणनीतिक कदम है। पूर्व राष्ट्रपति कलराज मिश्र और स्वतंत्र देव सिंह जैसे कुर्मी नेताओं के बाद चौधरी तीसरे प्रमुख कुर्मी चेहरे होंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव भूपेंद्र सिंह चौधरी के कार्यकाल के बाद आया है, जिन्होंने 2022 विधानसभा चुनावों में पार्टी को जीत दिलाई लेकिन हाल के उपचुनावों में चुनौतियां झेलीं। चौधरी के नेतृत्व में पार्टी अब 'संगठन पुनरुद्धार' पर फोकस करेगी, जिसमें बूथ स्तर तक मजबूती और युवा नेतृत्व को बढ़ावा देना शामिल है।
प्रतिक्रियाएं: उत्साह और उम्मीदें
समारोह के बाद सोशल मीडिया पर उत्साह की लहर दौड़ गई। पूर्वांचल के नेताओं ने इसे "कुर्मी गौरव का क्षण" बताया, जबकि पार्टी कार्यकर्ताओं ने #PankajChaudharyUPBJPPresident जैसे हैशटैग ट्रेंड कराए।
विपक्षी दलों ने इसे "संगठनिक संकट का समाधान" बताते हुए सवाल उठाए, लेकिन बीजेपी ने इसे खारिज कर दिया।पंकज चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा, "यह जिम्मेदारी संगठन की है, न कि व्यक्तिगत। हम 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को और मजबूत करेंगे।" उनके नेतृत्व में यूपी बीजेपी की नजर अब 2027 के विधानसभा चुनावों पर है, जहां पार्टी पूर्ण बहुमत की फिर कोशिश करेगी।
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