मिर्जापुर ब्लेडबाजी कांड: आरोपी अब्दुल उर्फ सैफ के संदिग्ध मौत से शहर में तनाव, चप्पे-चप्पे पर भारी फोर्स तैनात

Dec 10, 2025 - 13:37
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मिर्जापुर ब्लेडबाजी कांड: आरोपी अब्दुल उर्फ सैफ के संदिग्ध मौत से शहर में तनाव, चप्पे-चप्पे पर भारी फोर्स तैनात
शहर में चप्पे -चप्पे पर पुलिसबल तैनात

Daily News Mirror| Mirzapur News 

मिर्जापुर, 10 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर शहर को हिलाकर रख देने वाले गणेशगंज ब्लेडबाजी कांड का मुख्य आरोपी अब्दुल उर्फ सैफ (25 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मंगलवार शाम करीब चार बजे महर्षि दयानंद पब्लिक स्कूल के पास गंगा नदी में उसका शव तैरता हुआ मिला। शव पर सिर, चेहरे और शरीर पर गहरी चोटें पाई गईं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और आज सुबह 10 बजे जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम शुरू हो गया। डीएम और एसपी के निर्देश पर मजिस्ट्रेट मौके पर मौजूद हैं, जबकि शहर में हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है।

घटना का पृष्ठभूमि: प्रेम प्रसंग से हिंसा तक

यह सनसनीखेज मामला 5 दिसंबर को कटरा कोतवाली क्षेत्र के गणेशगंज मोहल्ले में सामने आया था। रामबाग कुरैशी नगर निवासी अब्दुल उर्फ सैफ का कथित तौर पर गणेशगंज की युवती सृष्टि उर्फ प्रिंसी (नाम परिवर्तित) से एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती के परिजनों के अनुसार, आरोपी धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था और शादी के बहाने निकाह का प्रस्ताव रखा।

इनकार करने पर सैफ ने युवती के घर में घुसकर ब्लेड से उसके गले पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। युवती को तत्काल मिर्जापुर अस्पताल ले जाया गया, जहां से वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। फिलहाल, उसकी हालत स्थिर है, लेकिन मानसिक आघात गहरा है। पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की, जिसमें हत्या का प्रयास, धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और अन्य धाराएं शामिल हैं। एसपी सोमेन वर्मा ने सैफ पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया और चार स्पेशल टीमें गठित कर दीं। घटना के बाद 9 सहयोगियों (रिश्तेदारों और षड्यंत्रकारियों सहित, दो महिलाएं भी) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। 

 हिंदू संगठनों का आंदोलन और शहर में तनाव

ब्लेडबाजी की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी), बजरंग दल और अन्य संगठनों ने सैफ की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए। 8 दिसंबर को मशाल जुलूस के दौरान संकटमोचन मंदिर के पास भीड़ उग्र हो गई, जिसे महंत और पुलिस ने शांत किया। संगठनों ने इसे "लव जिहाद" का केस करार दिया और प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। एसपी ने 72 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था, लेकिन उसी बीच सैफ का शव मिलने से मामला नया मोड़ ले लिया। सदर विधायक रत्नाकर मिश्रा (बीजेपी) ने इसे "पाप धोने का प्रयास" बताया, लेकिन पुलिस निष्पक्ष जांच पर जोर दे रही है।

शव मिलने के बाद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

शव बरामद होते ही कुरैशी नगर और गणेशगंज जैसे संवेदनशील इलाकों में तनाव फैल गया। प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए शहर कोतवाली क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर दिए। मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाई गई, वाहनों की सघन चेकिंग शुरू हो गई। फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड और मजिस्ट्रेट ने घटनास्थल का मुआयना किया। एसपी अभिषेक सिंह (नोट: कुछ स्रोतों में सोमेन वर्मा का नाम) ने कहा, "मौत के कारणों की गहन जांच चल रही है। हत्या, आत्महत्या या दुर्घटना—सभी पहलुओं पर नजर है। अफवाहों पर सख्त कार्रवाई होगी।" सैफ के परिजनों, खासकर मां से थाने में पूछताछ की जा रही है।

मौत के संभावित कारण: हत्या की मजबूत आशंका

शव की स्थिति से प्रथम दृष्टया हत्या का मामला बनता दिख रहा है। चेहरे पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के निशान हैं, कपड़े फटे हुए थे। गिरफ्तारी के डर से आत्महत्या की थ्योरी भी चर्चा में है, लेकिन चोटें इसे कमजोर करती हैं। व्यक्तिगत दुश्मनी या सांप्रदायिक बदले की कार्रवाई की संभावना पर पुलिस फोकस कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आज शाम या कल तक आने की उम्मीद है, जिसके आधार पर नया एफआईआर दर्ज हो सकता है। आधार कार्ड से शव की शिनाख्त हो चुकी है। यह घटना मिर्जापुर में सांप्रदायिक सद्भाव को चुनौती दे रही है। युवती के परिवार ने न्याय की मांग की है, जबकि सैफ के परिजन सदमे में हैं। प्रशासन ने शांति अपील जारी की है और स्थिति नियंत्रण में बताई है। आगे की जांच से सच्चाई सामने आएगी।

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