प्रयागराज में तांत्रिक के बहकावे में दादा ने की पोते की निर्मम हत्या, शव के टुकड़े-टुकड़े कर नाले में फेंके
Daily News Mirror| Prayagraj
प्रयागराज, 28 अगस्त 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अंधविश्वास की भेंट चढ़ी एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक दादा ने तांत्रिक की सलाह पर अपने 17 वर्षीय पोते की नृशंस हत्या कर दी। हत्यारोपी शरण सिंह ने अपने रिश्तेदार के बेटे पीयूष की हत्या कर उसके शव को टुकड़े-टुकड़े कर अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, यह वारदात करेली थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुई। पीयूष, जो सरस्वती विद्या मंदिर में 11वीं कक्षा का छात्र था, मंगलवार को स्कूल के लिए घर से निकला था, लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंचा। जब वह देर रात तक घर नहीं लौटा, तो उसकी मां कामिनी देवी ने करेली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की और उसी दिन नैनी औद्योगिक क्षेत्र के एक नाले में साड़ी में लपेटा हुआ एक धड़ बरामद किया। अगले दिन बुधवार को सैदपुर कछार इलाके में पीयूष का सिर मिला, जिसके बाद शव की पहचान हो सकी।
तांत्रिक की सलाह और हत्या की वजह
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अभिषेक भारती ने बताया कि आरोपी शरण सिंह, जो पीयूष के दादा का भाई है, ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया। शरण सिंह ने बताया कि 2023 और 2024 में उसके बेटे और बेटी ने आत्महत्या कर ली थी। इस सदमे से उबरने के लिए वह एक तांत्रिक के पास गया, जिसने उसे बताया कि पीयूष की जगह उसके बच्चों की मौत हुई थी। तांत्रिक ने सलाह दी कि पीयूष को मार देने से उसका परिवार इस "अनहोनी" से बच जाएगा। इस अंधविश्वास के चलते शरण सिंह ने अपने ही रिश्तेदार के बेटे की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारी
पुलिस को एक स्थानीय महिला ने महत्वपूर्ण सुराग दिया, जिसने बताया कि उसने एक व्यक्ति को स्कूटर पर एक गठरी नाले में फेंकते देखा था। इस व्यक्ति का हुलिया शरण सिंह से मिलता-जुलता था। इसके आधार पर पुलिस ने शरण सिंह को बुधवार रात हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार की और बताया कि उसने पीयूष के शव को टुकड़ों में काटकर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया ताकि पहचान न हो सके।
परिवार और समाज में सदमा
पीयूष के पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी, और वह अपनी मां के साथ रहता था। इस घटना ने पीयूष के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। स्थानीय लोगों में भी इस क्रूर हत्या को लेकर गुस्सा और डर का माहौल है। अंधविश्वास के कारण हुई इस हत्या ने एक बार फिर समाज में तांत्रिकों और उनके बहकावे में आने वालों पर सवाल खड़े किए हैं।
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