BHU में ज्योतिष रत्न गुरुजी गौतम ऋषि जी को विशिष्ट अतिथि के रूप में मिला सम्मान
Daily News Mirror| Noida
Uttar Pradesh News (16 October 2025): काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बी.एच.यू.) के संस्कृतविद्या धर्मविज्ञान संकाय, ज्योतिष विभाग द्वारा आयोजित द्विदिवसीय अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष एवं वास्तु महासम्मेलन में देश-विदेश से पधारे सैकड़ों विद्वान, ज्योतिषाचार्य, शोधार्थी एवं विद्यार्थी सम्मिलित हुए। इस वैदिक आयोजन में ज्योतिष रत्न गुरुजी गौतम ऋषि जी को विशिष्ट अतिथि एवं वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्हें उनके उत्कृष्ट योगदान हेतु गौरवपूर्ण सम्मान प्रदान किया गया।
गुरुजी गौतम ऋषि ने इस अवसर पर “भारतीय वास्तु विद्या का वैज्ञानिक परिसीलन एवं भारतीय ज्योतिष शास्त्र का आधुनिक संदर्भ में अनुप्रयोग” विषय पर अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया। उनके द्वारा प्रस्तुत हस्तरेखा, वास्तु एवं वेदांग ज्योतिष पर आधारित विद्वत्तापूर्ण विचारों को उपस्थित आचार्यों, विद्वानों तथा विद्यार्थियों ने अत्यंत प्रशंसा के साथ सुना। विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें प्रतीक शील्ड एवं सम्मान प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का ज्योतिष विभाग, जो कि सन् 1918 में स्थापित हुआ था, वैदिक अध्ययन, वेद, वेदांग, गणित, खगोल एवं नक्षत्र शास्त्र के अनुसंधान में देश-विदेश में प्रतिष्ठित केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है। इस विभाग से सम्मान प्राप्त करना किसी भी विद्वान के लिए अत्यंत गौरव एवं उपलब्धि का विषय माना जाता है।
सम्मेलन में उपस्थित प्रमुख अतिथियों में फ्यूचर पॉइंट के संस्थापक अध्यक्ष अरुण बंसल जी एवं आभा बंसल, डॉ. गुरवेज सिंह ढिल्लों (सिरसा), डॉ. इंद्रजीत कौर (चंडीगढ़), काशी विश्वविद्यालय के आचार्य सुशील कुमार गुप्ता जी, ज्योतिषाचार्य सोनाली रक्षित (BHU), गीतिका सूद (दिल्ली), मानसी विरमानी (दिल्ली), पूजा शर्मा (देहरादून), सुरुचि शर्मा (कैथल), ग्रीस व्यास (इंदौर) तथा पंडित सुबोध पाठक (गया) प्रमुख रूप से सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का संचालन पंडित हितेंद्र शुक्ला ने किया।
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में गुरुजी गौतम ऋषि जी ने कहा- “काशी हिन्दू विश्वविद्यालय जैसे पवित्र और विद्यानिकेतन स्थल से सम्मानित होना मेरे लिए व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, अपितु भारतीय संस्कृति, वेदांग ज्योतिष एवं वास्तु विद्या के पुनर्जागरण का प्रतीक है। काशी की इस भूमि से जो वैदिक ज्योति प्रसारित हो रही है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी।”
गुरुजी गौतम ऋषि विगत दो दशकों से वैदिक ज्योतिष, वास्तु विज्ञान, हस्तरेखा एवं जीवन मार्गदर्शन के क्षेत्र में सतत अनुसंधानरत हैं। गौतम ऋषि वेद विज्ञान संस्थान के माध्यम से उन्होंने हजारों विद्यार्थियों, परामर्शदाताओं एवं शोधकर्ताओं को वैदिक विज्ञान से जोड़ा है। उनके द्वारा आयोजित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों ने भारतीय ज्योतिष को नई दिशा एवं प्रतिष्ठा प्रदान की है।
इस प्रकार काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पावन प्रांगण में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन वैदिक परंपरा, विज्ञान एवं भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के पुनः उत्थान का जीवंत प्रतीक बन गया।
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