मां दुर्गा पर अश्लील गाना गाने वाली सरोज सरगम पर चौंकाने वाला खुलासा, पति समेत 6 गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार
2 महीने पहले हिन्दू धर्म छोड़ अपनाया ईसाई धर्म
Daily News Mirror| Mirzapur
मीरजापुर, 24 सितंबर 2025 (विशेष संवाददाता): शारदीय नवरात्रि की पावन बेला में हिंदू आस्था पर करारा प्रहार! सोशल मीडिया पर माँ दुर्गा के अपमान में बने अश्लील बिरहा गाने ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यूट्यूब पर वायरल हुए इस आपत्तिजनक वीडियो के पीछे एक सुनियोजित षड्यंत्र था, जिसमें बिरहा गायिका सरोज सरगम, उसके पति राममिलन बिंद और एक राजनीतिक नेता राजवीर सिंह यादव का हाथ था। पुलिस ने सरोज और राममिलन समेत मंडली के 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे और धर्म परिवर्तन जैसे चौंकाने वाले राज भी सामने आ रहे हैं।
वायरल वीडियो का काला खेल: आस्था पर सियासी चोट
घटना की शुरुआत तब हुई जब बिरहा गायिका सरोज सरगम ने अपने यूट्यूब चैनल पर माँ दुर्गा पर आधारित अभद्र और अश्लील टिप्पणियों से सजा एक गाना अपलोड किया। यह वीडियो नवरात्रि के दौरान तेजी से वायरल हो गया, जिससे हिंदू समुदाय में गुस्से की लहर दौड़ गई। वीडियो में माँ दुर्गा को अपमानित करने के साथ-साथ हिंदुओं को गालियां दी गईं, जो सामाजिक और धार्मिक विद्वेष फैलाने का खुला प्रयास था। पुलिस के संज्ञान में आने पर थाना मड़िहान ने तुरंत मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की।
जांच में खुलासा हुआ कि सरोज के अलावा 8 अन्य लोग इस कृत्य में लिप्त थे। वायरल पोस्ट को 21 सितंबर को हटवाया गया, लेकिन सरोज ने हठधर्मिता दिखाते हुए एक नया आपत्तिजनक वीडियो खुद रिकॉर्ड कर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डाल दिया। इसमें माँ दुर्गा पर फिर से कटु टिप्पणियां और हिंदुओं को सामूहिक रूप से असंसदीय गालियां दी गईं। इससे जनमानस में आक्रोश फैल गया। थाना कोतवाली शहर मीरजापुर ने 23 सितंबर को दूसरा मुकदमा दर्ज किया।
पूछताछ में खुला राज: पैसे के लालच में सियासी साजिश
गिरफ्तार सरोज और राममिलन से सख्ती से पूछताछ में एक बड़े षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ। राममिलन ने कबूल किया कि वह पत्नी के साथ मिलकर बिरहा मंडली चलाता है। सरोज पिछले ढाई-तीन साल से PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय के लिए गाने गा रही थी। लेकिन यह आपत्तिजनक वीडियो राजवीर सिंह यादव के इशारे पर बनाया गया, जो बदले में पैसे देने का वादा करता था। राजवीर ने सरोज को आश्वासन दिया कि उसकी किताब 'बहुजन नायक महिषासुर' पर हाईकोर्ट/सुप्रीम कोर्ट से जीत हो चुकी है, इसलिए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
सभी वीडियो प्रयागराज के हंडिया में ही तैयार और अपलोड किए जाते थे, क्योंकि राममिलन का मूल निवास यहीं है। मंडली के सदस्यों ने कंटेंट क्रिएशन में पूरा सहयोग दिया। जिला साइबर सेल ने शुरुआत में ही यूट्यूब से वीडियो हटवाया, लेकिन अभियुक्तों ने बार-बार नए वीडियो अपलोड कर विद्वेष फैलाने की कोशिश की। चौंकाने वाली बात: 10 महीने पहले सरोज और राममिलन ने ईसाई धर्म अपनाया था। उनके कब्जे से कई डिजिटल डिवाइस और साक्ष्य बरामद हुए, जिनका साइबर सेल विश्लेषण कर रहा है।
अवैध कब्जा और आपत्तिजनक साहित्य: अपराध की लंबी फेहरिस्त
गिरफ्तारी के अलावा पुलिस ने ग्राम गढ़वा में वन विभाग की 15 बीघा जमीन से राममिलन का अवैध कब्जा 23 सितंबर को हटाया। इस जमीन पर लंबे समय से खेती हो रही थी, और अब वन विभाग की ओर से कानूनी कार्रवाई चल रही है। राममिलन के पास से अत्यंत आपत्तिजनक साहित्य भी बरामद हुआ, जिसकी जांच जारी है।
पंजीकृत मुकदमे: कानूनी शिकंजा कसता हुआ
पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए हैं:मु0अ0सं0-271/2025: धारा 299, 196 बीएनएस व 67 आईटी एक्ट, थाना मड़िहान।
मु0अ0सं0-190/2025: धारा 299, 196, 353 बीएनएस व 67 आईटी एक्ट व 7 सीएलए एक्ट, थाना कोतवाली शहर।
राममिलन का पुराना अपराधिक इतिहास भी सामने आया: 2017 में मु0अ0सं0-13/17 (धारा 143, 341, 353, 332, 283, 336, 504 भादवि व 7 सीएलए एक्ट), थाना जिगना।
गिरफ्तार अभियुक्त: मंडली के चेहरे
मुख्य षड्यंत्रकर्ता राजवीर सिंह यादव (45 वर्ष, निवासी सिधौली, सीतापुर; यादव शक्ति पत्रिका संपादक और 'बहुजन नायक महिषासुर' लेखक) अभी फरार है। अन्य नामजद: सोनू (राममिलन का भांजा, यूट्यूब सह-संचालक), शशांक प्रजापति (स्टूडियो संचालक)। कुल 9 अभियुक्तों में से 6 गिरफ्तार।
गिरफ्तारी और बरामदगी: पुलिस की सतर्कता
गिरफ्तारी प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार पाठक (कोतवाली शहर), बालमुकुंद मिश्रा (मड़िहान), राजीव कुमार सिंह (एसओजी) और मानवेंद्र सिंह (सर्विलांस सेल) की टीमों ने की। बरामदगी में सरोज के 2 मोबाइल, राममिलन का 1 और अन्य से 1-1 फोन शामिल, जिनमें डिजिटल साक्ष्य हैं। साथ ही आपत्तिजनक साहित्य।
प्रतिक्रिया: आस्था की रक्षा में सख्ती जरूरी
हिंदू संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है, जबकि पुलिस ने चेतावनी दी कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। क्या यह PDA राजनीति का नया हथियार है? या सियासी साजिश का हिस्सा? जांच जारी है, लेकिन एक बात साफ है- आस्था पर हमला अब बर्दाश्त नहीं होगा। मीरजापुर पुलिस की तत्परता सराहनीय है, जो इस षड्यंत्र को कुचलने में सफल रही।
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