वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज का विवादित बयान, '100 में से 2-4 लड़कियां ही पवित्र'

Jul 29, 2025 - 20:12
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वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज का विवादित बयान, '100 में से 2-4 लड़कियां ही पवित्र'
फोटो: संत प्रेमानंद महाराज

Daily News Mirror| Vrindavan, UP

मथुरा, 29 जुलाई 2025: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज एक बार फिर अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में उन्होंने युवाओं, खासकर लड़कियों के चरित्र पर टिप्पणी करते हुए कहा कि "आज के समय में 100 में से मुश्किल से दो-चार लड़कियां ही पवित्र होती हैं, बाकी सभी बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड के चक्कर में पड़ी हैं।" इस बयान ने सामाजिक और धार्मिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है।

क्या है पूरा मामला? 

प्रेमानंद महाराज ने एक निजी बातचीत के दौरान यह बयान दिया, जिसमें उन्होंने आज के युवाओं के रिश्तों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, "अगर कोई युवक चार लड़कियों से संबंध बनाता है, तो वह अपनी पत्नी से संतुष्ट नहीं रह पाएगा, क्योंकि उसे व्यभिचार की आदत पड़ चुकी होती है। इसी तरह, जो लड़की चार पुरुषों से संबंध बना चुकी है, उसके अंदर एक पति को स्वीकार करने की हिम्मत नहीं रहती।" उन्होंने आगे कहा कि केवल कुछ ही लड़कियां ऐसी हैं जो "पवित्र जीवन" जीकर एक पुरुष को समर्पित रहती हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद लोगों ने इस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दीं।

विरोध और समर्थन

संत के इस बयान की कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला संगठनों ने कड़ी निंदा की है। एक स्थानीय महिला संगठन की प्रमुख ने कहा, "इस तरह के बयान महिलाओं को उनके अतीत से आंकते हैं, जो गलत है। समाज को महिलाओं को उनके वर्तमान और इंसानियत के आधार पर देखना चाहिए।" कई युवाओं ने इसे लैंगिक भेदभाव को बढ़ावा देने वाला बताया। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे "महिलाओं का अपमान" और "पिछड़ी सोच" करार दिया।

वहीं, कुछ धार्मिक संगठनों और संतों ने प्रेमानंद महाराज का समर्थन करते हुए इसे "भारतीय संस्कृति और नैतिकता की रक्षा" के लिए जरूरी बताया। सरयू आरती स्थल के अध्यक्ष शशिकांत दास ने कहा, "प्रेमानंद महाराज का बयान समाज को दिशा देने वाला है।" हालांकि, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ऐसे बयानों को सावधानी से देना चाहिए।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस बयान पर असहमति जताते हुए कहा, "हम इस बात से सहमत नहीं हैं। आज आधी आबादी महिलाओं की है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी योग्यता साबित की है। ऐसे बयान महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं।"

पहले भी विवादों में रहे हैं संत

यह पहली बार नहीं है जब प्रेमानंद महाराज का कोई बयान विवाद का कारण बना हो। इससे पहले, उन्होंने हिंदू महिलाओं से "चार बच्चे पैदा करने" की अपील की थी, ताकि हिंदू समुदाय अल्पसंख्यक न बने। इस बयान पर भी काफी हंगामा हुआ था। इसके अलावा, हाल ही में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के एक समान बयान ने भी विवाद खड़ा किया था, जिसके बाद उन्होंने सार्वजनिक माफी मांगी थी।

संत प्रेमानंद महाराज का परिचय

प्रेमानंद गोविंद शरण, जिन्हें उनके अनुयायी प्रेमानंद महाराज के नाम से जानते हैं, राधा वल्लभ संप्रदाय से जुड़े एक प्रमुख हिंदू गुरु हैं। वह अपने प्रवचनों और भक्ति से परिपूर्ण सत्संगों के लिए जाने जाते हैं। उनके अनुयायियों में आम लोग ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा जैसे सेलिब्रिटी भी शामिल हैं।

सामाजिक बहस का केंद्र बना बयान

इस बयान ने समाज में एक नई बहस छेड़ दी है। कुछ लोग इसे नैतिकता और पारंपरिक मूल्यों की रक्षा के रूप में देख रहे हैं, जबकि अन्य इसे महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच को बढ़ावा देने वाला मानते हैं। समाजशास्त्रियों का कहना है कि चरित्र का मूल्यांकन केवल यौन संबंधों के आधार पर नहीं किया जा सकता।

 फिलहाल, प्रेमानंद महाराज की ओर से इस बयान पर कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद कहां तक जाता है और इसका सामाजिक प्रभाव क्या रहता है।

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